गया जंक्शन को ‘विश्वस्तरीय स्टेशन’ बनाने की दिशा में चल रहे पुनर्विकास कार्यों को गति देने के लिए रेलवे ने एक बड़ा निर्णय लिया है। आगामी 27 जनवरी से 12 मार्च तक जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर 45 दिनों का मेगा ब्लॉक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान इन दोनों प्लेटफॉर्मों पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। स्वचालित सीढियां, लिफ्ट आदि कई कार्य इस दौरान किए जाएंगे।

बुनियादी ढांचे में होगा व्यापक सुधार
‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत किए जा रहे इस निर्माण कार्य का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस 45 दिवसीय ब्लॉक के दौरान निम्नलिखित मुख्य कार्य किए जाएंगे:

- प्लेटफॉर्म सुदृढ़ीकरण: प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाना और सतह का नवीनीकरण।
- तकनीकी सुधार: ट्रैक लेआउट में बदलाव, सिग्नलिंग सिस्टम का अपग्रेडेशन और ओवरहेड विद्युत तारों (OHE) का कार्य।
- यात्री सुविधाएं: नए शेड का निर्माण और ड्रेनेज सिस्टम में सुधार। रेल परिचालन पर प्रभाव और वैकल्पिक व्यवस्था
मेगा ब्लॉक के कारण गया जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों के परिचालन में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है: - प्लेटफॉर्म शिफ्टिंग: प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर आने वाली ट्रेनों को अन्य उपलब्ध प्लेटफॉर्मों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
- समय में परिवर्तन: कुछ एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के समय में आंशिक बदलाव की संभावना है।
- आंशिक रद्दीकरण: कार्य की अधिकता को देखते हुए कुछ लोकल ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट या आंशिक रूप से रद्द किया जा सकता है।

रेलवे की अपील: “निर्माण कार्य को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए यह ब्लॉक अनिवार्य है। यात्री अपनी यात्रा शुरू करने से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) या आधिकारिक हेल्पलाइन के माध्यम से ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जांच अवश्य कर लें।”
भविष्य की तस्वीर
पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद गया जंक्शन न केवल दक्षिण बिहार का एक प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि यहाँ यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी और अत्याधुनिक वेटिंग लाउंज की सुविधा मिलेगी। रेलवे प्रशासन जल्द ही प्रभावित होने वाली ट्रेनों की विस्तृत सूची और वैकल्पिक समय-सारणी जारी करेगा।






