गया में रेल एसपी ने सोना लूटकांड की समीक्षा के बाद कहा-लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, वारंटियों की शीघ्र गिरफ्तारी करें
✍️ देवब्रत मंडल
पटना रेल एसपी अनंत कुमार राय शुक्रवार को गया जंक्शन पहुंचकर सोना लूटकांड सहित अन्य कांडों की समीक्ष करते हुए पुलिस पदाधिकारी तथा जवानों से कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और सोना लूटकांड मामले में अबतक हुई जांच में ये बातें सामने आई है कि इसमें पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध है। इससे पुलिस की साख दांव पर है। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध सख्त एवं कानूनी कार्यवाही की जाएगी। अबतक इस मामले में गया रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी जितने भी आरोपी हैं, उन सभी के विरुद्ध गिरफ्तारी का वारंट जारी है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शुक्रवार को रेल एसपी अनंत कुमार राय गया रेल थाना का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। इसके एक दिन पहले ही वे पटना में कांडों का रिव्यु कर चुके थे।
गया रेल थाना में समीक्षा इस दौरान उन्होंने रेलवे क्षेत्र में बढ़ते अपराध, सुरक्षा व्यवस्था तथा लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। गया जंक्शन स्थित रेल थाना कार्यालय में आयोजित विशेष समीक्षा बैठक में गया सर्किल रेल डीएसपी आलोक कुमार सिंह, गया सर्किल इंस्पेक्टरसौम्य प्रियदर्शी, गया रेल थानाध्यक्ष शिव कुमार समेत गया रेल अनुमंडल एवं सर्किल के रेल थानाध्यक्ष मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य रेलवे क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाने के लिए ठोस और प्रभावी रणनीति तैयार करना था।

विशेष रूप से सोना लूटकांड की जांच पर रहा फोकस करते हुए
एसपी अनंत कुमार राय ने अबतक की जांच प्रगति की गहन समीक्षा की। इस कांड से संबंधित अधिकारियों से बिंदुवार जानकारी ली। उन्होंने लूटकांड में शामिल आरोपितों की पहचान, उनके आपराधिक नेटवर्क और घटना के पीछे की साजिश पर विस्तार से चर्चा की। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच को और तेज किया जाए, ताकि सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह मामला पुलिस की साख से जुड़ा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बताते चलें कि इस कांड में चार सिपाही और दो सिविलियन के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी है।
एसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वारंट जारी होने के बाद गिरफ्तारी में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि पुलिसकर्मी भी अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को आपसी समन्वय बढ़ाने, सूचना तंत्र को मजबूत करने और नियमित गश्त पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मालूम हो कि पिछले साल 21 नवंबर को हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस के साधारण बोगी में सफर कर रहे सोना-चांदी के व्यापारी मनोज सोनी के कूरियर धनञ्जय शाश्वत से करीब एक किलोग्राम सोने की लूट ली गई थी। धनंजय शाश्वत नामक कारोबारी के साथ मारपीट भी की गई थी। आरोप है कि गया रेल थाना के चार सिपाही, रेल थाना के पूर्व चालक सीताराम उर्फ अमन शर्मा और परवेज ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के सोने की लूट का मामला सामने आने के बाद यह कांड हाई प्रोफाइल बन गया है।






