
गया जी। बिहार राज्य खाद्य निगम के वजीरगंज स्थित गोदाम में व्याप्त तानाशाही और सहायक गोदाम प्रबंधक की बदसलूकी ने एक गरीब जन वितरण प्रणाली विक्रेता की जान ले ली। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे जिले के डीलरों को झकझोर कर रख दिया है। फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन गया जी के जिला अध्यक्ष महेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने वजीरगंज के भलुआही गांव पहुंचकर मृतक विक्रेता मोहम्मद इशाक खान के परिजनों से मुलाकात की और इस पूरी त्रासदी के लिए सीधे तौर पर गोदाम प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए परिजनों ने बताया कि गत 4 अप्रैल को इशाक खान अनाज के उठाव के लिए गोदाम गए थे, जहां सहायक गोदाम प्रबंधक ने अनाज देने के बजाय उनके साथ न केवल अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उनका लाइसेंस दो दिनों के भीतर रद्द करवाने की खुली धमकी भी दे डाली। मृतक ने हाथ जोड़कर विनती की थी कि कार्डधारियों के दबाव के कारण वह मानसिक तनाव में हैं और उन्हें कम से कम एक गाड़ी अनाज दे दिया जाए, लेकिन गोदाम प्रबंधक ने उनकी एक न सुनी। इस अपमान और मानसिक प्रताड़ना को इशाक खान बर्दाश्त नहीं कर सके और गोदाम परिसर में ही मूर्छित होकर गिर पड़े संवेदनहीनता की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब छटपटाते हुए विक्रेता को अस्पताल पहुंचाने के बजाय गोदाम कर्मी उसे ‘अनाज लेने की नौटंकी’ बताते रहे। अंततः अस्पताल ले जाने के क्रम में उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
इस घटना से आक्रोशित फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जिला प्रशासन से आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। जिला अध्यक्ष महेंद्र कुमार सिंह और महामंत्री डॉ. विजय कुमार यादव ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि आरोपी गोदाम प्रबंधक के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे तत्काल बर्खास्त किया जाए। एसोसिएशन ने मृतक के आश्रितों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे, परिवार के किसी सदस्य को अनुकंपा के आधार पर तत्काल लाइसेंस निर्गत करने और बच्चों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जिला पदाधिकारी और आपूर्ति विभाग के वरीय अधिकारियों ने इस मामले में शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं की, तो पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। संकट की इस घड़ी में एसोसिएशन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतक की बेवा शकीला बानों को तत्काल सहायता के रूप में एक लाख दस हजार रुपये की राशि सौंपी है। इस मौके पर फतेहपुर, मानपुर, कोच, बोधगया और वजीरगंज प्रखंडों के दर्जनों अध्यक्षों और विक्रेताओं ने एक स्वर में मृतक को न्याय दिलाने का संकल्प लिया।




