
गयाजी। मगध पुस्तक मेला सह सांस्कृतिक महोत्सव के पाँचवें दिन मेला परिसर पूरी तरह एजुकेशन स्पेशल – ज्ञान की संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। इस दिन का फोकस शिक्षा, रचनात्मक सोच, सामाजिक सरोकार और सांस्कृतिक चेतना पर रहा। बच्चों से लेकर युवाओं और साहित्यप्रेमियों तक की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुस्तक मेला केवल किताबों का आयोजन नहीं, बल्कि विचारों और संवाद का जीवंत मंच बन चुका है।
विद्यालयी प्रतियोगिताओं में बच्चों की रचनात्मक उड़ान

दिन की शुरुआत विद्यालय स्तर की ड्राइंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता से हुई। 100 से अधिक बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण जैसे संवेदनशील विषय पर अपनी कल्पनाशक्ति और सोच को रंगों व शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत किया। कहीं पेड़ों को बचाने का संदेश था तो कहीं स्वच्छ वातावरण की पुकार। बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह दिखाया कि नई पीढ़ी पर्यावरण को लेकर कितनी सजग है।
प्रतियोगिता के संचालन में मेघा, प्रिया, लक्की, अभिषेक, साक्षी और ऋतिक की सक्रिय भूमिका रही। वहीं, महाविद्यालय स्तर पर आयोजित नाटक प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सामाजिक मुद्दों को मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों से भरपूर सराहना मिली।
प्रगति केंद्र के बच्चों के लिए खास पल

मेला परिसर में प्रगति केंद्र, कटारी से आए बच्चों के समूह ने भी सहभागिता की। आयोजन समिति की ओर से बच्चों को नए गर्म वस्त्र प्रदान किए गए। यह पल बच्चों के लिए यादगार रहा और उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
पुतली कला कार्यशाला बनी आकर्षण का केंद्र
द्वितीय सत्र में प्रख्यात कलाकार अलका सक्सेना ने पुतली कला पर रचनात्मक कार्यशाला का संचालन किया। बच्चों को कहानियों और संवादों के जरिए पुतली कला की बारीकियाँ समझाई गईं। इसके बाद बच्चों ने खुद अपने हाथों से पशु-पक्षियों और अन्य आकृतियों की पुतलियाँ तैयार कीं। खास तौर पर प्रगति केंद्र के बच्चों ने इस कार्यशाला में उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे पूरा सत्र जीवंत हो उठा।
पत्रकारिता पर गंभीर और व्यावहारिक चर्चा

शाम 4 बजे आयोजित एजुकेशन स्पेशल सत्र में “करियर के रूप में पत्रकारिता: अवसर एवं चुनौतियाँ” विषय पर परिचर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार और छायाकार श्याम भंडारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी दीपक देव और वक्ता राजेश्वर सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र की जिम्मेदारी है। युवाओं से आग्रह किया गया कि वे इस क्षेत्र में ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ आगे आएं।
काव्य संध्या में साहित्य और समाज का संवाद
संध्या सत्र में गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में काव्य संध्या का आयोजन हुआ। सम्मेलन अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ‘सुरेंद्र’, महामंत्री सुमंत सिंह सहित कई वरिष्ठ और युवा रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से प्रकृति संरक्षण, पुस्तक-पठन संस्कृति और समकालीन सामाजिक मुद्दों पर सार्थक विमर्श प्रस्तुत किया। कविताओं में मौजूद व्यंग्य और संवेदना ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया।
पुस्तक स्टॉलों पर रही चहल-पहल
दिनभर मेला परिसर के पुस्तक स्टॉलों पर पाठकों की अच्छी भीड़ देखने को मिली। खासकर बच्चों और युवाओं में किताबों को लेकर उत्साह नजर आया। थीम आधारित सेल्फी स्टैंड भी आकर्षण का केंद्र बना रहा, जहां आगंतुकों ने यादगार तस्वीरें खिंचवाईं।
कल के कार्यक्रम
आयोजन समिति के अनुसार अगले दिन प्रातः सत्र में मगध मेधा प्रतियोगिता के तहत विद्यालय स्तर पर भाषण प्रतियोगिता और महाविद्यालय स्तर पर ड्राइंग व स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता आयोजित होगी। संध्या सत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कुमारी अनीशा और उनकी टीम द्वारा कथक नृत्य एवं गीत-संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। वहीं, रात्रि सत्र में लायंस क्लब, गया के सहयोग से मधुमेह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें शहर के वरिष्ठ चिकित्सक मधुमेह से बचाव और उपचार पर उपयोगी जानकारी साझा करेंगे।
आयोजन संयोजक विवेक कुमार ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेकर न सिर्फ खुद जागरूक बनें, बल्कि समाज में भी स्वास्थ्य और ज्ञान के प्रति सकारात्मक संदेश फैलाएं।






