मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान गया धाम पहुंचने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की सुगम आवागमन व्यवस्था और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। विष्णुपद मंदिर परिधि को पूरी तरह से ‘नो हॉर्न, नो व्हीकल और नो पोल्यूशन जोन’ घोषित कर दिया गया है। इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराने और आमजनों के साथ-साथ वीआईपी-अधिकारियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से गया के जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने खुद ई-रिक्शा में सवार होकर चांद चौरा से विष्णुपद क्षेत्र तक यात्रा की और एक नई मिसाल पेश की।
अधिकारियों और अति विशिष्ट व्यक्तियों से खास अपील

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने स्वयं ई-रिक्शा से आवागमन कर समाज को यह संदेश दिया कि नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। उन्होंने तमाम वरीय प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अति विशिष्ट व्यक्तियों से अपील की है कि वे तीर्थयात्रियों की सुविधा के मद्देनजर विष्णुपद क्षेत्र में केवल पैदल चलें या जिला प्रशासन द्वारा मुहैया कराए गए ई-रिक्शा का ही उपयोग करें। डीएम ने स्पष्ट किया कि विष्णुपद परिधि को प्रदूषणमुक्त और जाममुक्त बनाए रखने के लिए सभी का सहयोग बेहद आवश्यक है ताकि दूर-दराज से आने वाले पिंडदानियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
चांद चौरा और बंगाली आश्रम पर रुकेंगे वाहन, 150 निशुल्क ई-रिक्शा तैनात
प्रशासनिक गाइडलाइन के अनुसार विष्णुपद मेला क्षेत्र में प्रवेश करने वाले सभी निजी एवं व्यावसायिक वाहनों को चांद चौरा मोड़ और बंगाली आश्रम के पास ही रोक दिया जाएगा। इसके आगे का सफर श्रद्धालु पैदल या प्रशासनिक ई-रिक्शा के जरिए ही तय करेंगे। जिला परिवहन पदाधिकारी के अनुसार श्रद्धालुओं की सेवा के लिए चांद चौरा से विष्णुपद और बंगाली आश्रम मार्ग पर तीन शिफ्टों में कुल 150 निशुल्क ई-रिक्शा का संचालन शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रेतशिला पार्किंग पॉइंट से मंदिर तक अति बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए विशेष ई-रिक्शा प्रबंधित किए गए हैं।
गया स्टेशन से पिंड वेदियों तक की भी मुकम्मल व्यवस्था
रेल मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। गया रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले पिंडदानी यदि किसी भी पिंड वेदी या मेला स्थल तक जाना चाहते हैं, तो उनके लिए रेलवे स्टेशन से ही निशुल्क ई-रिक्शा परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पितृपक्ष मेले के दौरान पूरे विष्णुपद क्षेत्र को नो-हॉर्न और नो-पोल्यूशन ज़ोन बनाए रखना है, जिससे श्रद्धालु शांतिपूर्ण और पवित्र वातावरण में अपने पूर्वजों का तर्पण संपन्न कर सकें।







