बोधगया (मगध लाइव न्यूज)। भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) बोधगया में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और प्रशासनिक कार्यों में इसकी सुगमता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष हिंदी कार्यशाला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकस), गया के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भाषाई दक्षता को सुदृढ़ करने का एक साझा मंच प्रदान किया।
राजभाषा के प्रति जागरूकता और नेतृत्व का विजन
यह गौरवशाली आयोजन आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता एस. सहाय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व में संपन्न हुआ। संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता इस कार्यक्रम का मुख्य आधार रही। कार्यशाला का सफल संचालन राजभाषा प्रभारी श्री रविन्द्र कुमार द्वारा किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और इसके दूरगामी उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का प्रभावी समावेश
कार्यशाला के मुख्य सत्र में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, गया के राजभाषा प्रभारी श्री अमरेश कुमार ने अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिक कार्यालयी कामकाज में हिंदी न केवल संवाद का माध्यम है, बल्कि यह कार्यकुशलता बढ़ाने का एक सशक्त उपकरण भी है। उन्होंने तकनीकी शब्दावली को सरल भाषा में उपयोग करने के व्यावहारिक तरीके बताए, जिससे सरकारी पत्राचार और दैनिक कार्यों में हिंदी का प्रयोग और अधिक सहज हो सके।
प्रतियोगिता के माध्यम से भाषाई कौशल का प्रदर्शन
कार्यशाला के साथ-साथ आयोजित हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। इस प्रतियोगिता में नराकस, गया के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों और आईआईएम बोधगया के स्टाफ सदस्यों ने अत्यंत उत्साह के साथ अपनी सहभागिता दर्ज की। प्रतिभागियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहाँ उन्होंने हिंदी व्याकरण, साहित्य और आधिकारिक शब्दावली से जुड़े प्रश्नों के माध्यम से अपनी भाषाई पकड़ का परिचय दिया।
प्रतिभाओं का सम्मान और प्रोत्साहन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि और नराकस, गया के सचिव श्री दिवाकर कुमार ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। पुरस्कार वितरण के दौरान उन्होंने प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की और भविष्य में भी इसी तरह के आयोजनों के माध्यम से हिंदी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया।
सफलतापूर्वक समापन और भविष्य का संकल्प
कार्यक्रम का औपचारिक समापन आईआईएम बोधगया के प्रशासनिक अधिकारी (एमडीपी) श्री शत्रुधन प्रसाद के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी आगंतुकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया कि वे केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित न रहकर, अपने नियमित कामकाज में भी हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाएं। इस सफल आयोजन ने बोधगया के प्रशासनिक हलकों में राजभाषा के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया है।






