फतेहपुर: गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत सण्डेश्वर गांव के लिए शनिवार का शाम एक बेहद दुखद खबर लेकर आया। सरहद की दुर्गम वादियों में देश की रक्षा का संकल्प निभाने वाला एक जांबाज सिपाही, अपने ही घर के पास जिंदगी की जंग हार गया। आईटीबीपी (ITBP) के जवान रंजीत कुमार उर्फ लालू की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक मौत ने न केवल उनके परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि पूरे इलाके को शोक के गहरे सन्नाटे में डुबो दिया है।
खुशियों के बीच मातम में बदली घर की दहलीज
अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर तैनात सण्डेश्वर निवासी रामपति यादव के पुत्र रंजीत कुमार उर्फ लालू इन दिनों छुट्टी पर अपने गांव आए हुए थे। घर में परिजनों के साथ वक्त बिताने और खुशियां बांटने के बीच किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि नियति ने उनके लिए कुछ और ही लिख रखा है। बीते 4 मार्च को गया शहर के ग्रीन फील्ड स्कूल के समीप एक भीषण सड़क हादसे ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बाइक से जाते समय हुई यह भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि रंजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार रंजीत कुमार छुट्टी के बाद अपने ड्यूटी पर जा रहा था , इसी दौरान सड़क हादसे का शिकार हो गया था। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पारस हॉस्पिटल रेफर कर दिया।
तीन दिनों तक चला संघर्ष, आखिर थम गईं सांसें
पटना के पारस हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में पिछले तीन दिनों से रंजीत कुमार का उपचार चल रहा था। पूरा गांव और उनके साथी जवान उनकी सलामती की दुआएं मांग रहे थे, लेकिन शनिवार 7 मार्च को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। जैसे ही उनके निधन की खबर पैतृक गांव सण्डेश्वर पहुँची, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। एक होनहार और ऊर्जावान सैनिक के इस तरह असमय चले जाने से हर आंख नम है और गांव के चूल्हे तक नहीं जले हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, मिलनसार व्यक्तित्व की थी पहचान
अपने लाडले को खोने के बाद पिता रामपति यादव और परिजनों की चीत्कारों से माहौल गमगीन हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि रंजीत कुमार उर्फ लालू न केवल एक कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे, बल्कि बेहद मिलनसार और मृदुभाषी भी थे। गांव के युवाओं के लिए वे एक प्रेरणा स्रोत थे, जो हमेशा देश सेवा के जज्बे से लबरेज रहते थे। देश की रक्षा के लिए समर्पित एक युवा सिपाही के इस तरह सड़क हादसे का शिकार हो जाने से इलाके के लोगों में गहरा दुख और संवेदना व्याप्त है।
एक अपूरणीय क्षति और अंतिम विदाई का इंतज़ार
रंजीत कुमार की मृत्यु से आईटीबीपी ने अपना एक जांबाज सिपाही खो दिया है और परिवार ने अपना सहारा। वर्तमान में उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाने की प्रक्रिया चल रही है, जहाँ पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सण्डेश्वर गांव आज अपने उस सपूत के इंतजार में पलकें बिछाए बैठा है, जो सरहद से तो सुरक्षित लौट आया था, लेकिन घर की दहलीज के पास मौत से हार गया।






