देवब्रत मंडल
गया जी जंक्शन के भवन को विश्वस्तरीय लुक देने की कवायद जारी है लेकिन कब यह पूरी तरह से बनकर तैयार होगा ये कहने या बताने वाले कोई नहीं हैं यहां।
पुराने स्ट्रक्चर को डेमोलिश कर दिया गया है और कई कार्यालयों को अस्थायी तौर पर इधर उधर शिफ्ट कर दिया गया है। इसी इधर उधर के कारण गया जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक का कक्ष, कार्यालय और वीआईपी गेस्ट हाउस भी इधर उधर करना पड़ा है। इस तस्वीरों को गौर से देखिए। बाहर से दिखने पर क्या कोई यात्री यह कह सकता है कि इसी झोपड़ी(हट) में स्टेशन प्रबंधक बैठा करते होंगे। इसी में सांसद, विधायक, मंत्री, पदाधिकारी तथा अन्य गण्यमान्य व्यक्तियों के कुछ देर के बैठने के लिए जगह भी दी गई है।

इसी में एसएस के साथ कार्य करने वाले कर्मचारियों के भी बैठने की जगह है। इसी के बगल में डिप्टी एसएस का कार्यालय है। इस कमरे में एक भी पंखा नहीं लगा हुआ है। हां एक एसी लगा हुआ है लेकिन जब बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है तो समझने और अनुभव करने वाली बात है।
जबकि देखा जाए तो ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन की पूरी जिम्मेदारी इसी करकटनुमे कार्यालय में कार्य करने वाले एसएस, एसएम, टीआई, डिप्टी एसएस, पोर्टर आदि कर्मचारियों की है। ऐसे में इन्हें किस प्रकार की समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है ये बताने की नहीं बल्कि महसूस करने की जरूरत है।