मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
नवरात्रि के पावन अवसर पर गया जिले के कटारी स्थित प्रगति केंद्र में रविवार को एक अद्भुत और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला। गैलेंट इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित भव्य कन्या पूजन समारोह में भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का एक बेहतरीन संगम प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल पारंपरिक रूप से कन्याओं का पूजन करना नहीं था, बल्कि वंचित समुदाय की बच्चियों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना था। समाज के हाशिए पर खड़े इन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने के लिए संस्था की यह सकारात्मक पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ श्रृंगार, खिली मासूमों की मुस्कान समारोह के दौरान बच्चियों का पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ श्रृंगार किया गया। माथे पर आलता और सिर पर चुनरी ओढ़े इन मासूमों के चेहरों की खुशी देखते ही बन रही थी, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो उठा। इस विशेष मौके पर सभी अध्ययनरत बच्चियों के साथ-साथ प्रगति केंद्र के अन्य विद्यार्थियों को भी पाठ्य सामग्री, उपहार और मिठाइयां वितरित की गईं। बच्चों की रचनात्मकता और प्रतिभा को निखारने के लिए कई मनोरंजक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का भी आयोजन हुआ, जिसमें सभी ने पूरे हर्षोल्लास के साथ अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
निःशुल्क शिक्षा की अलख जगाने वाली प्रियंका कुमारी हुईं सम्मानित इस भव्य आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण प्रगति केंद्र में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने वाली शिक्षिका प्रियंका कुमारी का सम्मान समारोह रहा। संस्था ने उनके निस्वार्थ भाव, समर्पण और वंचित बच्चों का भविष्य संवारने में उनके अद्वितीय योगदान की जमकर सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि श्री चितरंजन पासवान ने इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि वंचित समाज के बच्चों को शिक्षित कर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना सबसे बड़ा पुनीत कार्य है। समारोह में सुश्री निशा लाज, श्री रुद्र आनंद, श्री सन्नी कुमार, सुश्री मुन्नी मैम और श्री सौरभ कुमार सहित कई अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी बच्चों के साथ समय बिताकर उनका उत्साहवर्धन किया।
बेटियों के सम्मान से ही बनेगा सशक्त समाज: विवेक कुमार कार्यक्रम के दौरान गैलेंट इंडिया फाउंडेशन के सचिव विवेक कुमार ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और संस्था के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कन्या पूजन महज एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह बेटियों की गरिमा और समाज में उनके अमूल्य योगदान को स्वीकार करने का एक बड़ा अवसर है। बालिकाओं को बेहतर शिक्षा देकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सुश्री ममता कुमारी ने सभी स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का दृढ़ संकल्प दोहराया।







