बेलागंज (गया)। बिहार के गया जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। बेलागंज थाना क्षेत्र के लोदीपुर लालगंज गांव में पुत्र वियोग में एक पिता ने भी अपने प्राण त्याग दिए। सड़क दुर्घटना में इकलौते चिराग के बुझने के मात्र 12 घंटे के भीतर पिता की मृत्यु ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, लोदीपुर लालगंज निवासी सिकंदर कुमार की सोमवार रात एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जैसे ही सिकंदर की मौत की खबर घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुत्र की असामयिक मृत्यु का समाचार पिता जय सिंह चंद्रवंशी के लिए वज्रपात जैसा था।
सदमे में रुके पिता के दिल की धड़कन
परिजनों ने बताया कि जय सिंह अपने बेटे की मौत के बाद से ही गहरे मानसिक आघात में थे। वह पूरी रात बेसुध होकर रोते रहे। मंगलवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी ही कर रहे थे कि उन्होंने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पिता अपने बेटे का बिछोह सहन नहीं कर सके और उनका दिल टूट गया।
एक साथ उठी दो अर्थियां, हर आंख हुई नम
बुधवार को जब गांव में पिता और पुत्र की अर्थियां एक साथ उठीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। पूरा गांव इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा नजर आया। अंतिम संस्कार में भारी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
मुखिया ने दी सहायता, प्रशासन से मदद की गुहार
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मुखिया ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और कबीर अंत्येष्टि योजना व अन्य माध्यमों से तत्परता दिखाते हुए 10,000 रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की। वहीं, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए उन्हें उचित मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इलाके में शोक की लहर
इस दोहरी त्रासदी के बाद मृतक की मां और अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है। फिलहाल पूरे लोदीपुर लालगंज गांव में चूल्हे नहीं जले हैं और सन्नाटा पसरा हुआ है।






