मगध लाइव न्यूज़ | अतरी (गया)
गया-पटना हाईवे पर बेलागंज के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की सारी खुशियां छीन ली हैं। दो दिनों की छुट्टी लेकर खुशी-खुशी अपने गांव डिहुरी (अतरी) लौट रहे डायल 112 के एएसआई (ASI) सुनील चौधरी की सड़क दुर्घटना में असमय मौत हो गई है। 37 वर्षीय सुनील चौधरी, विलाश चौधरी के पुत्र थे। मंगलवार की शाम करीब 4 बजे जैसे ही उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव डिहुरी पहुंचा, पूरे गांव में कोहराम मच गया। शव को देखते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और परिजनों की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो उठा।
एक महीने पहले मिला था प्रमोशन, फोन की एक घंटी ने छीन ली खुशियां जहानाबाद जिले के शकूराबाद थाने में डायल 112 में तैनात सुनील चौधरी ने अपनी मेहनत के दम पर करीब एक महीने पहले ही सिपाही से एएसआई (ASI) के पद पर प्रमोशन पाया था। परिवार में इस तरक्की की खुशी अभी पूरी तरह मनाई भी नहीं गई थी कि सोमवार की रात करीब 9:55 बजे बेलागंज थाने से आए एक फोन कॉल ने सबकुछ खत्म कर दिया। पुलिस ने सूचना दी कि सुनील सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। बदहवास परिजन जब तक अस्पताल पहुंचे, तब तक चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस मनहूस खबर को सुनते ही पत्नी संजू देवी सुध-बुध खो बैठीं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

बड़े भाई की हत्या के बाद पूरे परिवार का इकलौता सहारा थे सुनील एएसआई सुनील चौधरी की मौत ने न सिर्फ एक पत्नी से उसका सुहाग और बच्चों से पिता का साया छीना है, बल्कि एक भरे-पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है। सुनील अपने दो भाइयों में सबसे छोटे थे। नियति का क्रूर मजाक देखिए कि करीब चार वर्ष पूर्व उनके बड़े भाई की भी निर्मम हत्या कर दी गई थी। बड़े भाई के निधन के बाद घर के बुजुर्ग माता-पिता, अपनी पत्नी संजू देवी और तीन मासूम बच्चों (10 वर्षीय पुत्री नंदनी, 8 वर्षीय पुत्र ऋतु और 5 वर्षीय पुत्र आदित्य) के साथ-साथ बड़े भाई की पत्नी और उनके तीन बच्चों के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी अकेले सुनील के मजबूत कंधों पर थी। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ वे सभी बच्चों की बेहतरीन परवरिश भी कर रहे थे। अब इस भयानक हादसे ने 10 लोगों के इस परिवार का इकलौता चिराग बुझा दिया है।
गांव में पसरा सन्नाटा, विष्णुपद में होगा अंतिम संस्कार सुनील चौधरी एक बेहद मिलनसार और जिम्मेदार व्यक्ति थे। उनकी असमय और दर्दनाक मौत की खबर से पूरे डिहुरी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जिसने भी यह खबर सुनी, वह स्तब्ध रह गया और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर की ओर दौड़ पड़ा। पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले हैं और हर तरफ मातम का सन्नाटा पसरा है। परिजनों और ग्रामीणों ने भारी मन से बताया कि मृतक पुलिस पदाधिकारी का अंतिम दाह संस्कार गया जी के पवित्र विष्णुपद श्मशान घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ किया जाएगा।







