मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
बिहार पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार और कर्तव्यहीनता के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। मगध क्षेत्र, गयाजी के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने आमस थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष धनंजय कुमार को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना और वायरल मीडिया के आधार पर की गई है, जिसमें पुलिस की वर्दी को शर्मसार करने वाले तथ्य सामने आए थे। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

दलाल के जरिए हुई थी लाखों की डील यह पूरा मामला 19 सितंबर 2026 की रात का है, जब आमस सावकला टोल प्लाजा के पास रात करीब 2:00 बजे से सुबह 5:00 बजे के बीच कोयले से लदी कुल 9 ओवरलोडेड गाड़ियों को पकड़ा गया था। आरोप है कि थानाध्यक्ष ने इन गाड़ियों पर विधि-सम्मत कार्रवाई करने के बजाय दलाल के माध्यम से 4.50 लाख रुपये की मोटी रिश्वत ली और प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज न करने के एवज में 30 हजार रुपये अलग से वसूले। इस पूरी अवैध लेन-देन और आमस थानाध्यक्ष एवं चौकीदार रवि कुमार के बीच हुई संदिग्ध बातचीत के ऑडियो-वीडियो और तस्वीरें भी वायरल हो गईं, जिन्होंने इस काले खेल की पूरी पोल खोल दी।
ग्रामीण एसपी की जांच में खुली भ्रष्टाचार की परतें मामले की गंभीरता और वायरल हो रहे सबूतों को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक ने ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी), गयाजी को इस पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा सौंपा। जांच के दौरान स्टेशन डायरी की प्रविष्टियों, वायरल मीडिया और संबंधित पदाधिकारियों की रिपोर्ट का गहराई से परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि ओवरलोड वाहनों को पकड़े जाने के बावजूद कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उन्हें छोड़ दिया गया। इस मामले में तत्कालीन पु०नि०-सह-थानाध्यक्ष धनंजय कुमार और चौकीदार रवि कुमार की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध और पुलिस की छवि को धूमिल करने वाली पाई गई।
विभागीय कार्रवाई शुरू, महकमे को आईजी की सख्त चेतावनी जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की निष्पक्षता और जनविश्वास को ठेस पहुंचाने वाले इस आचरण को गंभीर कदाचार माना गया है। आईजी के आदेश पर थानाध्यक्ष धनंजय कुमार को तत्काल निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है और निलंबन अवधि के लिए उनका मुख्यालय ‘पुलिस केन्द्र, गया’ तय किया गया है। इसके साथ ही चौकीदार रवि कुमार पर भी अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने सख्त संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनुचित आचरण को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।







