मगध लाइव संवाददाता
राजधानी पटना से सटे दानापुर इलाके में पुलिस ने अपराध की योजना बना रहे एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। शाहपुर थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग अभियान के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए हथियारों से लैस चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों के पास से एक पिस्तौल, नौ जिंदा गोलियां, तीन मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक तेज रफ्तार बाइक बरामद की गई है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह इलाके में रंगदारी और अवैध बालू खनन से जुड़े आपराधिक मामलों को अंजाम देता था।
वाहन चेकिंग देखकर भागने लगे अपराधी, पुलिस ने खदेड़ कर दबोचा
दानापुर के एसडीपीओ अजीत कुमार ने शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में इस पूरे ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिटी एसपी (पश्चिमी) के सख्त निर्देश पर शुक्रवार की रात इलाके में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान लोदीपुर-चांदमारी रोड पर एक बाइक पर सवार तीन युवक आते दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखकर वे घबरा गए और बाइक मोड़कर तेजी से भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें खदेड़ कर पकड़ लिया।
तलाशी में मिले हथियार, पूछताछ में खुला सप्लायर का राज
पकड़े जाने के बाद जब पुलिस ने तीनों संदिग्धों की सघन तलाशी ली, तो उनके पास से एक पिस्तौल, नौ गोलियां और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए इन तीनों अपराधियों की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के गंगहरा निवासी अभिनंदन कुमार उर्फ अंकित कुमार, बसंत कुमार और आदित्य राज के रूप में हुई है। पुलिस की कड़ी पूछताछ में इन तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि उन्हें हथियार स्थानीय स्तर पर ही सप्लाई किए जाते थे।
निशानदेही पर हथियार सप्लायर भी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
गिरफ्तार तीनों अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने तुरंत एक और छापेमारी की और इस गिरोह को हथियार उपलब्ध कराने वाले मुख्य सप्लायर बिट्टन शर्मा को भी गंगहरा इलाके से धर दबोचा। पूछताछ के दौरान पुलिस के समक्ष अभिनंदन, आदित्य और बसंत ने स्वीकार किया है कि बिट्टन शर्मा ही उन्हें हथियारों की सप्लाई करता था। इन्ही हथियारों का भय दिखाकर यह गिरोह इलाके में रंगदारी वसूलने, अवैध बालू खनन सिंडिकेट को संरक्षण देने और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस ने कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद गिरफ्तार चारों अपराधियों (अभिनंदन, आदित्य, बसंत और बिट्टन) को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।







