मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
बिहार के भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर हुई लगभग तीन करोड़ रुपये के सोने की सनसनीखेज और दुस्साहसिक लूट का रेल पुलिस ने सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है। रेल पुलिस, आरपीएफ, सीआईबी और उत्तर प्रदेश की बरेली पुलिस की संयुक्त और त्वरित कार्रवाई में इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़े तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से लूटे गए सोने का एक बड़ा हिस्सा और कई मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि लूट की इस इतनी बड़ी और सुनियोजित साजिश को अंजाम देने वाला कोई पेशेवर बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि पीड़ित स्वर्ण कारोबारी के यहाँ काम करने वाला अपना ही एक भरोसेमंद कर्मचारी निकला। पुलिस की इस बड़ी कामयाबी ने अंतरराज्यीय स्तर पर काम कर रहे अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।

फर्जी अधिकारी बनकर दिया गया था वारदात को अंजाम रेल पुलिस उपाधीक्षक गुलशन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यह पूरी घटना 24 अक्टूबर 2026 की है, जब उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित ‘संकल्प गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड’ फर्म के वादी संजय कुमार खंडेलवाल का कर्मचारी संजीव चौहान चंबल एक्सप्रेस ट्रेन से सफर कर रहा था। वह आवश्यक कागजात और दस्तावेजों के साथ कोलकाता से 2 किलो 6 ग्राम सोना लेकर वापस बरेली लौट रहा था, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 2,92,87,600 रुपये आंकी गई थी। भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर दो अज्ञात अपराधकर्मियों ने खुद को जांच अधिकारी बताते हुए उसे रास्ते में ही रोक लिया। इन फर्जी अधिकारियों ने कर्मचारी संजीव चौहान को बुरी तरह डराया-धमकाया और सोना मालिक के घर पर छापामारी करने तथा उसे सीधे जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद वे सारा सोना और उसका मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गए, जिसके बाद भभुआ रेल थाने में सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

एसआईटी (SIT) का गठन और पुलिस की सघन जांच मामले की गंभीरता और करोड़ों रुपये के सोने की लूट को देखते हुए रेलवे पटना के पुलिस अधीक्षक महोदय ने त्वरित उद्भेदन के लिए तुरंत एक विशेष एसआईटी (SIT) का गठन किया। इस विशेष जांच दल ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं का गहराई से विश्लेषण करना शुरू किया। अनुसंधान के क्रम में जीआरपी, आरपीएफ भभुआ, आरपीएफ सीआईबी डीडीयू और बरेली पुलिस (उत्तर प्रदेश) ने बेहतरीन समन्वय का परिचय दिया। पुलिस की इस संयुक्त टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान, सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से अपराधियों के छिपने के ठिकानों को चिन्हित किया और छापेमारी की ठोस रूपरेखा तैयार की।
घर का भेदी निकला मुख्य साजिशकर्ता, सोना और मोबाइल बरामद पुलिस की सघन छापेमारी में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग ठिकानों से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड सचिन गंगवार शामिल है। सचिन गंगवार वादी संजय कुमार खंडेलवाल के पास महज पंद्रह हजार रुपये महीने की नौकरी करता था और उसी ने लालच में आकर इस पूरी लूट की मुखबिरी की थी। इसके अलावा पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी रोहित कुमार (23 वर्ष) और कासगंज के रहने वाले मकान ठेकेदार वरुण कुमार (29 वर्ष) को भी दबोच लिया है। पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपी वरुण कुमार के घर से 612.74 ग्राम सोना और कुल चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार सभी अभियुक्त उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और बाकी लूटे गए सोने की बरामदगी के लिए पुलिस का अग्रिम अनुसंधान अभी पूरी मुस्तैदी के साथ जारी है।







