मगध अपडेट बिहार राजनीति क्राइम शिक्षा खेल नौकरी धर्म

ई-वेस्ट प्रबंधन से लेकर हरियाली तक: IIM बोधगया ने पेश की स्वच्छ और सुरक्षित शिक्षण परिसर की शानदार मिसाल

On: Friday, October 30, 2026 9:10 PM

मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | बोधगया

शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) बोधगया ने स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक शानदार पहल की है। संस्थान में 15 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे ‘स्पेशल कैम्पेन फॉर डिस्पोज़ल ऑफ पेंडिंग मैटर्स’ (एससीपीडीएम 6.0) ने परिसर की पूरी तस्वीर बदल कर रख दी है। इस महाभियान का मुख्य उद्देश्य केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए ई-वेस्ट मैनेजमेंट, स्पेस मैनेजमेंट और रिकॉर्ड मैनेजमेंट को एक नए और सुव्यवस्थित स्तर पर ले जाया गया है, जिससे संस्थान के कार्यस्थल को अधिक प्रभावी और उन्नत बनाया जा सके।

कबाड़ से लाखों का राजस्व और स्पेस मैनेजमेंट का बेहतरीन मॉडल इस अभियान के तहत आईआईएम बोधगया ने संसाधनों के सदुपयोग और कचरा प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। संस्थान ने एमएसटीसी के माध्यम से अपने पुराने और अनुपयोगी स्क्रैप की बिक्री की, जिससे 6.54 लाख रुपये का शानदार राजस्व प्राप्त हुआ। इसके साथ ही पुराने स्क्रैप और बेकार पड़े कार्टन को हटाकर परिसर में लगभग 1,600 वर्ग फुट बेशकीमती जगह को खाली कराया गया है। पुराने और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल उपकरणों की छंटाई कर उन्हें अधिकृत रिसाइक्लर के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोज किया गया, ताकि पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

आपातकालीन सुरक्षा और हरियाली पर विशेष फोकस परिसर को केवल स्वच्छ ही नहीं, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में 28 अक्टूबर 2026 को आईआईएम बोधगया कैंपस में एक विशेष फायर मॉक ड्रिल और इवैक्यूएशन ड्रिल का आयोजन किया गया। इन मॉक ड्रिल्स का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए छात्रों और कर्मचारियों को पूरी तरह से तैयार करना था। इसके समानांतर, पूरे कैंपस में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।

संसाधनों के अनुकूलन से कार्यक्षमता में इजाफा इन बहुआयामी प्रयासों ने आईआईएम बोधगया के प्रशासनिक और शैक्षणिक माहौल में एक नई ऊर्जा भर दी है। फाइलों और रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित तरीके से रखने और कार्यालय परिसर के हर हिस्से का बेहतर उपयोग करने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल रही है। ‘स्पेशल कैम्पेन 6.0’ के अंतर्गत उठाए गए ये रणनीतिक कदम यह स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि संस्थान अपने परिसर को एक स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और विश्वस्तरीय इको-फ्रेंडली वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

📰 Latest:
महाबोधि मंदिर में पूरी रात रोशन रहेगा मुख्य गुंबद, गया डीएम ने सौंदर्यीकरण और सुरक्षा पर दिए सख्त निर्देश | फतेहपुर झंडा चौक पर बड़ा हादसा टला, पश्चिम बंगाल के फेरीवाले की खड़ी मोपेड में लगी भीषण आग | एक पल की चूक पड़ सकती थी भारी, RPF जवान की बहादुरी ने गया जंक्शन पर महिला की बचाई जान | लौह पुरुष सरदार पटेल की 151वीं जयंती: डीडीयू मंडल में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन, डीआरएम ने दिलाई देश की अखंडता की शपथ | बेलागंज में बंद घर का ताला तोड़ लाखों की चोरी, नौ लाख से अधिक के सोने-चांदी के जेवरात ले उड़े चोर | धान खरीद में हेराफेरी अब नामुमकिन! गया DM ने लागू किया ऐसा हाई-टेक सिस्टम, बिचौलियों की उड़ी नींद | पीएम किसान की 24वीं किस्त जारी: गया में मंत्री जीतन राम मांझी का आह्वान- ‘खेत बचाओ अभियान’ से जैविक और व्यावसायिक खेती की ओर बढ़ें किसान  | ई-वेस्ट प्रबंधन से लेकर हरियाली तक: IIM बोधगया ने पेश की स्वच्छ और सुरक्षित शिक्षण परिसर की शानदार मिसाल | महमूदपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 140 लीटर महुआ शराब के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार | कोंच में नशे की बड़ी खेप बरामद, ट्रक से 100 किलो गांजा जब्त; पुलिस को चकमा देकर चालक फरार |