
मगध लाइव न्यूज़ | गया
बिहार के गया रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक जवान की सतर्कता और अदम्य साहस से एक महिला यात्री की जान बच गई। 31 अक्टूबर 2026 को प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास के दौरान एक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म पर गिरते हुए ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के खतरनाक गैप की ओर जाने लगी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात RPF के प्रधान आरक्षी सुजीत कुमार सिंह ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित बाहर खींच लिया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई से एक संभावित गंभीर रेल हादसा टल गया।
ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत बचाई गई महिला की जान
रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट गया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर को ट्रेन संख्या 13553 आसनसोल-वाराणसी फास्ट पैसेंजर दोपहर 2:22 बजे गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची थी। निर्धारित ठहराव पूरा होने के बाद ट्रेन धीरे-धीरे अपने गंतव्य की ओर रवाना होने लगी। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर तैनात प्रधान आरक्षी सुजीत कुमार सिंह ट्रेन की निगरानी कर रहे थे और यात्रियों को चलती ट्रेन में चढ़ने से लगातार मना कर रहे थे।
इसी बीच पार्सल कार्यालय के सामने तीन महिला यात्रियों ने मना करने के बावजूद चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान एक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म पर गिरकर ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच के गैप की ओर जाने लगी।
अपनी जान की परवाह किए बिना महिला को खींचकर बचाया
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रधान आरक्षी सुजीत कुमार सिंह ने बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना महिला को खींचकर चलती ट्रेन से सुरक्षित दूरी पर कर दिया। उनकी सूझबूझ और साहसिक पहल से महिला को समय रहते बचा लिया गया और एक बड़ी दुर्घटना होने से टल गई।
रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार, पूरी घटना प्लेटफॉर्म नंबर-1 के दिल्ली छोर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में जवान की त्वरित कार्रवाई और महिला को सुरक्षित बचाने की घटना स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।
मिर्जा गालिब कॉलेज से घर लौट रही थी महिला
बचाई गई महिला की पहचान वहीदा के रूप में हुई है। वह औरंगाबाद जिले के रफीगंज की रहने वाली बताई गई हैं। महिला ने बताया कि वह गया स्थित मिर्जा गालिब कॉलेज से कक्षा करने के बाद अपने घर लौट रही थीं। रेलवे सुरक्षा बल ने इस घटना को ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत की गई महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है।
प्रधान आरक्षी सुजीत कुमार सिंह का यह साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा यात्री सुरक्षा के प्रति RPF की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। साथ ही यह घटना यात्रियों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है। ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही चढ़ना और उतरना सुरक्षित है।







