मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | बोधगया
शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) बोधगया ने स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक शानदार पहल की है। संस्थान में 15 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे ‘स्पेशल कैम्पेन फॉर डिस्पोज़ल ऑफ पेंडिंग मैटर्स’ (एससीपीडीएम 6.0) ने परिसर की पूरी तस्वीर बदल कर रख दी है। इस महाभियान का मुख्य उद्देश्य केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए ई-वेस्ट मैनेजमेंट, स्पेस मैनेजमेंट और रिकॉर्ड मैनेजमेंट को एक नए और सुव्यवस्थित स्तर पर ले जाया गया है, जिससे संस्थान के कार्यस्थल को अधिक प्रभावी और उन्नत बनाया जा सके।
कबाड़ से लाखों का राजस्व और स्पेस मैनेजमेंट का बेहतरीन मॉडल इस अभियान के तहत आईआईएम बोधगया ने संसाधनों के सदुपयोग और कचरा प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। संस्थान ने एमएसटीसी के माध्यम से अपने पुराने और अनुपयोगी स्क्रैप की बिक्री की, जिससे 6.54 लाख रुपये का शानदार राजस्व प्राप्त हुआ। इसके साथ ही पुराने स्क्रैप और बेकार पड़े कार्टन को हटाकर परिसर में लगभग 1,600 वर्ग फुट बेशकीमती जगह को खाली कराया गया है। पुराने और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल उपकरणों की छंटाई कर उन्हें अधिकृत रिसाइक्लर के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोज किया गया, ताकि पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
आपातकालीन सुरक्षा और हरियाली पर विशेष फोकस परिसर को केवल स्वच्छ ही नहीं, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में 28 अक्टूबर 2026 को आईआईएम बोधगया कैंपस में एक विशेष फायर मॉक ड्रिल और इवैक्यूएशन ड्रिल का आयोजन किया गया। इन मॉक ड्रिल्स का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए छात्रों और कर्मचारियों को पूरी तरह से तैयार करना था। इसके समानांतर, पूरे कैंपस में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
संसाधनों के अनुकूलन से कार्यक्षमता में इजाफा इन बहुआयामी प्रयासों ने आईआईएम बोधगया के प्रशासनिक और शैक्षणिक माहौल में एक नई ऊर्जा भर दी है। फाइलों और रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित तरीके से रखने और कार्यालय परिसर के हर हिस्से का बेहतर उपयोग करने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल रही है। ‘स्पेशल कैम्पेन 6.0’ के अंतर्गत उठाए गए ये रणनीतिक कदम यह स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि संस्थान अपने परिसर को एक स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और विश्वस्तरीय इको-फ्रेंडली वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।







