मगध लाइव न्यूज़ | महताब अंसारी
गया जिले के कोंच प्रखंड स्थित चबूरा गांव में शनिवार को किसानों ने अपनी सिंचाई की समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर हुंकार भरी। उत्तर कोयल नहर किसान संघर्ष मोर्चा की कोंच इकाई के तीसरे एक दिवसीय सम्मेलन में किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनके खेतों तक नहर का पानी नहीं पहुंचता, उनका संघर्ष थमने वाला नहीं है। इस महासम्मेलन में क्षेत्र के किसानों ने एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई को और धार देने का दृढ़ संकल्प लिया तथा भविष्य के बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की।

शहीद किसानों को दी गई श्रद्धांजलि इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की शुरुआत मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष नंदलाल सिंह यादव द्वारा झंडोत्तोलन के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच चंचल कुमार ने की, जबकि मंच का संचालन सह सचिव अशोक यादव ने बड़ी ही कुशलता से संभाला। सम्मेलन के आरंभ में ही उन सभी किसान-मजदूरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई जिन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अब तक कड़ा संघर्ष किया है। इसके पश्चात मोर्चा के कोषाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार ने वहां उपस्थित सभी लोगों का स्वागत करते हुए किसान आंदोलन की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।
खेतों तक पानी पहुंचना है जीवन-मरण का प्रश्न सम्मेलन को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने अब तक के संघर्षों और मोर्चे द्वारा किए गए कार्यों की गहन समीक्षा की। किसान नेताओं ने एक स्वर में कहा कि उत्तर कोयल नहर का पानी सीधे खेतों तक पहुंचना इलाके के किसानों के लिए सबसे बड़ी जरूरत है। सिंचाई की समुचित व्यवस्था होने से न केवल खेती को नया जीवन मिलेगा, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इस बैठक में डॉ. रामानन्द यादव, सुंदरदेव यादव, संतोष यादव, गोरेलाल, लालदेव ठाकुर और सुखेन्द्र यादव सहित भारी संख्या में उपस्थित किसानों ने एकजुट होकर प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए एक बड़े और संगठित आंदोलन की चेतावनी दी है।







