
मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
भारतीय रेलवे के पूर्व मध्य रेल अंतर्गत डीडीयू मंडल के गया रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अपनी ड्यूटी के प्रति सजगता और तत्परता का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। आरपीएफ पोस्ट गया की टीम ने ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत मुंबई मेल में छूटे एक यात्री के लावारिस मोबाइल को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और उचित सत्यापन के बाद उसे उसके असली मालिक तक पहुंचा दिया है।
जागरूक यात्री और आरपीएफ की मुस्तैदी यह पूरा वाकया एलटीटी-हावड़ा मुंबई मेल (गाड़ी संख्या 12322 DN) से जुड़ा है। जब यह ट्रेन गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो पर पहुंची, तो आगे के जनरल कोच में यात्रा कर रहे एक जागरूक यात्री को एक लावारिस मोबाइल फोन मिला। यात्री ने तुरंत प्लेटफॉर्म ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ आरक्षी विकेश कुमार को वह फोन सौंप दिया। जवान ने बिना कोई देरी किए लगभग पंद्रह हजार रुपये की कीमत वाले इस फोन को गया पोस्ट पर सुरक्षित जमा करवा दिया, ताकि इसके वास्तविक मालिक को यह वापस किया जा सके।
रेल मदद पोर्टल से मिला सुराग फोन सुरक्षित होने के बाद, आरपीएफ ने दायित्व निभाते हुए इसके मालिक की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच रेल मदद पोर्टल पर संदीप कुमार नामक व्यक्ति द्वारा मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ पोस्ट गया के सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) मु. खुर्शीद खां ने शिकायतकर्ता के दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क साधा। बातचीत के दौरान संदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि यह फोन उनके साथ सफर कर रहे धरमजीत कुमार का है, जो कि ट्रेन के आगे वाले जनरल कोच में छूट गया था। आरपीएफ द्वारा फोन सुरक्षित होने की जानकारी मिलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
सत्यापन के बाद असली मालिक को सुपुर्दगी सूचना मिलने के बाद मोबाइल के वास्तविक धारक धरमजीत कुमार (30 वर्ष), निवासी गढ़वा, जिला पलामू (झारखंड) स्वयं आरपीएफ पोस्ट गया पहुंचे। यहां तैनात एएसआई रणधीर कुमार ने रेलवे के तय मानकों और नियमों के अनुसार यात्री के आवश्यक दस्तावेजों और यात्रा से जुड़े प्रमाणों का पूरी गहनता से सत्यापन किया। सभी कागजात और दावे सही पाए जाने के बाद, आरपीएफ ने ‘ऑपरेशन अमानत’ के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वह मोबाइल फोन धरमजीत कुमार को सकुशल सौंप दिया। अपना खोया हुआ कीमती फोन वापस पाकर यात्री ने सुरक्षा बल की इस त्वरित कार्यप्रणाली और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर सराहना की।







