✍️ देवब्रत मंडल
गया। पटना साहिब से होकर आ रही श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की साढ़े 300 वर्षीय शहीदी जागृति यात्रा का गया की पावन धरती पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शहर की समस्त संगत ने भावपूर्ण स्वागत किया।
जागृति यात्रा गिरानी घाट से नगर कीर्तन के रूप में गुरबाणी की मधुर धुनों के साथ रवाना हुई और गुरुद्वारा साहिब पहुंचने पर फूलों की वर्षा और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान शहर की गलियां गुरबाणी की गूंज से सराबोर रहीं।

यात्रा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी विराजमान थे तथा गुरु साहिब के शस्त्र भी शामिल रहे। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, अमृतसर के पदाधिकारी, पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधि और विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के सदस्य यात्रा में सम्मिलित हुए। मुख्य रूप से भाई जगदीश सिंह जी, महासचिव इंद्रजीत सिंह जी, सीनियर मीत प्रधान लखविंदर सिंह लखा जी, पूर्वी भारत गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सूरत सिंह नलवा जी, कोषाध्यक्ष सरदार चंदन सिंह सहित भाई हरजिंदर सिंह जम्मू वाले और भाई बलदेव सिंह अमृतसर वाले मौजूद रहे।

गया गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष शराब सिंह, सचिव मनजीत सिंह गांधी, कोषाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह प्रिंस, सदस्य कुलवंत सिंह, जसवंत सिंह बब्बू, गुरतेज सिंह, स्त्री सत्संग प्रधान कमलजीत कौर, अमरजीत कौर, सोनिया छाबड़ा, पिंकी कौर और अन्य संगत ने बढ़-चढ़कर स्वागत में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर सरदार लखविंदर सिंह लखा और सूरत सिंह नलवा ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे न केवल “हिंद की चादर” बल्कि संपूर्ण विश्व के धर्म और मानवता के रक्षक थे। उन्होंने बताया कि यदि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का बलिदान नहीं होता, तो आज का विश्व कुछ और ही रूप ले चुका होता।
गया गुरुद्वारा साहिब में लंगर और चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई तथा सभी आगंतुकों को सम्मानित कर धन्यवाद ज्ञापन किया गया। तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के कानूनी सलाहकार सरदार परमित सिंह अंकुश बग्गा ने पटना साहिब प्रबंधक कमेटी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस-प्रशासन का विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह यात्रा सफलतापूर्वक आगे हंटरगंज के लिए रवाना हुई।