बिहार के गया जिले में दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच अपराधियों ने एक बेहद खौफनाक और दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। मानपुर इलाके के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में बेखौफ हथियारबंद बदमाशों ने सरेआम एक दारोगा के दो बेटों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस भीषण गोलीबारी में छोटे भाई की सीने में गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बड़े भाई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना का शिकार हुए युवकों के पिता शशि शेखर सिंह बिहार पुलिस में दारोगा हैं और वर्तमान में अररिया जिले में पदस्थापित हैं। त्योहार के बीच गया में हुई इस खूनी घटना ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
दोस्तों के साथ बैठे भाइयों पर अचानक बरसीं गोलियां
यह दिल दहला देने वाली वारदात महानवमी की आधी रात मुफस्सिल थाना अंतर्गत नौरंगा आहर के पास घटी। सिद्धार्थपुरी मोहल्ले में रहने वाले रानू शेखर और मोनू शेखर अपने साथियों के साथ वहां बैठे हुए थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात अपराधी वहां आ धमके और बिना कोई मौका दिए अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अपराधियों की गोली का सीधा शिकार रानू शेखर हुआ, जबकि मोनू शेखर भी इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। खून से लथपथ दोनों भाइयों को तुरंत अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रानू शेखर को मृत घोषित कर दिया और मोनू शेखर का सघन इलाज जारी है।
वर्चस्व की लड़ाई में गई जान, दो संदिग्ध हिरासत में
पीड़ित परिवार मूल रूप से गया जिले के ही अतरी थाना क्षेत्र स्थित जेठियन गांव का रहने वाला है, लेकिन पिछले कुछ सालों से मानपुर की सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में निवास कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज इंद्र भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए। पुलिस के अनुसार, इस खौफनाक वारदात के पीछे दो गुटों के बीच आपसी विवाद और वर्चस्व की जंग मुख्य कारण मानी जा रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शक के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे सघन पूछताछ की जा रही है। वहीं, अपने जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही अररिया में तैनात दारोगा पिता बदहवास हालत में गया के लिए रवाना हो गए हैं।







