देवब्रत मंडल

गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) दिलीप कुमार ने बुधवार को गया जंक्शन का औचक निरीक्षण किया। इस औचक दौरे से पूरे स्टेशन प्रशासन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान एडीआरएम ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की।
रनिंग रूम और लॉबी में सुविधाओं की समीक्षा
एडीआरएम ने अपने दौरे की शुरुआत रनिंग रूम से की, जहां उन्होंने लोको पायलट और गार्डों के ठहरने व आराम की सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल और भोजन की गुणवत्ता की जांच की और वहां मौजूद कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। इसके बाद लॉबी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात रेल कर्मियों की उपस्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करें और परिचालन सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
आपातकालीन तैयारियों और राहत वाहन का अवलोकन
सुरक्षा तैयारियों को परखने के क्रम में उन्होंने राहत वाहन (रिलीफ ट्रेन) का भी निरीक्षण किया। एडीआरएम ने आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उपकरणों के रखरखाव और स्टाफ की तत्परता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में ‘रिस्पॉन्स टाइम’ यानी प्रतिक्रिया समय को न्यूनतम रखा जाए और सभी उपलब्ध संसाधन हर समय क्रियाशील रहने चाहिए।
प्लेटफार्म संख्या 2 और 3 पर निर्माण कार्यों का जायजा
जब एडीआरएम प्लेटफार्म संख्या दो और तीन पर पहुंचे, तो वहां चल रहे मरम्मत और निर्माण कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने निर्माण कार्यों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि होली के अवसर पर यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि होगी, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों की आवाजाही में कोई बाधा न आए।
यात्री सूचना प्रणाली को दुरुस्त रखने की हिदायत
अंत में उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को ट्रेनों के परिचालन से जुड़ी सटीक जानकारी प्रसारित करने के निर्देश दिए। एडीआरएम ने कहा कि ट्रेनों के आगमन, प्रस्थान या प्लेटफार्म परिवर्तन की जानकारी लगातार उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने पब्लिक एड्रेस सिस्टम को सुचारू रखने और किसी भी तकनीकी खामी को तत्काल दूर करने पर जोर दिया ताकि सही और समय पर सूचना मिलने से यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।






