मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
गया रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता और मानवीय पहल से घर से नाराज होकर निकले एक 15 वर्षीय किशोर को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर गश्त के दौरान किशोर डरा-सहमा हुआ मिला। पूछताछ में पता चला कि वह पिता की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर निकल आया था। RPF ने उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया।
गश्त के दौरान दिल्ली फुट ओवरब्रिज के पास मिला किशोर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गया रेलवे स्टेशन पर RPF के उप निरीक्षक अजय तिग्गा, सहायक उप निरीक्षक सुधीर कुल्लू और आरक्षी दिनेश कुमार नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर दिल्ली फुट ओवरब्रिज के पास उनकी नजर एक नाबालिग लड़के पर पड़ी, जो काफी डरा और सहमा हुआ दिखाई दे रहा था। RPF कर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए किशोर से बातचीत की और उसे सहज महसूस कराया। पूछताछ में उसने अपनी उम्र करीब 15 वर्ष बताई। वह बिहार के अरवल जिले के किंजर थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है।
पिता की डांट से नाराज होकर घर से निकला था किशोर
किशोर ने RPF को बताया कि घर में पिता से डांट मिलने के कारण वह नाराज होकर घर से निकल आया था और गया रेलवे स्टेशन पहुंच गया। कम उम्र में अकेले घर से निकलने के कारण उसके साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए RPF ने तत्काल आवश्यक कदम उठाया, ताकि किशोर किसी गलत व्यक्ति के संपर्क में न आए और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा
RPF ने रेलवे की बाल संरक्षण पहल ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत किशोर को रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क गया के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की। इस संबंध में चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपरवाइजर सावन कुमार दुबे को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर सुपरवाइजर सावन कुमार दुबे RPF पोस्ट गया पहुंचे, जहां उप निरीक्षक अजय तिग्गा ने किशोर को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। RPF की इस तत्परता से एक नाबालिग को संभावित खतरे से सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।







