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दूरदर्शन बिहार पर अब सुनाई देगी मगही की आवाज, नियमित कार्यक्रम प्रसारण को मिली मंजूरी

On: Wednesday, June 17, 2026 9:50 PM

मगध लाइव न्यूज डेस्क। मगध क्षेत्र की प्रमुख लोकभाषा मगही को सार्वजनिक प्रसारण मंचों पर अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। दूरदर्शन बिहार ने मगही भाषा में नियमित कार्यक्रमों के प्रसारण पर सहमति जताई है, जबकि आकाशवाणी पटना ने भी मगही भाषा से जुड़े कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

मगही भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्यरत संस्था मगही कनेक्शन के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में दूरदर्शन बिहार और आकाशवाणी पटना के अधिकारियों से मुलाकात कर मगही भाषा में नियमित कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव सौंपा था। संस्था के अध्यक्ष उज्ज्वल कुमार और सचिव रविशंकर उपाध्याय ने बताया कि इस पहल को सकारात्मक समर्थन मिला है।

दूरदर्शन बिहार के केंद्र निदेशक डॉ. मनोज प्रभाकर ने प्रत्येक 15 दिनों पर मगही भाषा में कार्यक्रम प्रसारित करने की सहमति दी है। साथ ही उन्होंने दूरदर्शन के लोकप्रिय कार्यक्रमों ‘रंग बिहार के’, ‘साहित्यिकी’ और ‘बिहार विहान’ में भी मगही भाषा को स्थान देने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है।

वहीं, आकाशवाणी पटना के कार्यक्रम सहायक निदेशक अमित कुमार ने भी मगही भाषा में प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकार किया है। बताया गया कि दोनों संस्थानों ने अपनी-अपनी टीमों को इस दिशा में आवश्यक तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है।

मगही कनेक्शन का कहना है कि मगही केवल एक भाषा नहीं, बल्कि मगध क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और जनजीवन की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। संस्था का मानना है कि सार्वजनिक प्रसारण माध्यमों पर मगही को पर्याप्त स्थान मिलने से भाषा और संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ नई पीढ़ी का जुड़ाव भी मजबूत होगा।

संस्था ने समाचार, लोकसंस्कृति, पर्यटन, लोककथाओं, संगीत, युवा विषयों और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों पर आधारित कार्यक्रमों के निर्माण का सुझाव भी दिया है। इसके अलावा स्थानीय साहित्यकारों, कलाकारों और सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

गौरतलब है कि 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में करीब 1.27 करोड़ लोग मगही भाषा बोलते थे। भाषा के जानकारों के अनुसार वर्तमान में बिहार और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों को मिलाकर मगही भाषियों की संख्या लगभग साढ़े तीन करोड़ तक पहुंच चुकी है।

उल्लेखनीय है कि पटना स्थित संस्था मगही कनेक्शन पिछले दो वर्षों से मगही भाषा और लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। संस्था द्वारा मगही महोत्सव, मगही लघु फिल्म निर्माण प्रतियोगिता, कार्यशालाओं तथा मगही लघु फिल्म महोत्सव जैसे कई कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जा चुका है।

मगही भाषा के समर्थकों का मानना है कि दूरदर्शन और आकाशवाणी पर नियमित प्रसारण की शुरुआत न केवल भाषा के प्रचार-प्रसार को नई गति देगी, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक विविधता को राष्ट्रीय मंच पर और अधिक मजबूती से प्रस्तुत करने का अवसर भी प्रदान करेगी।

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