गया | मगध लाइव न्यूज
गया जिले में बिजली व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में विभाग को अब ग्रामीण नेतृत्व का बड़ा साथ मिला है। स्मार्ट मीटर को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं और आशंकाओं के बीच बेलागंज और टिकारी प्रखंड के दो प्रमुख मुखियाओं ने खुद पहल कर एक नई राह दिखाई है। बेलागंज की कोरियावाँ पंचायत के मुखिया मनोज शर्मा और टिकारी की केसपा पंचायत की मुखिया इन्द्रमणि देवी ने अपने घरों में स्मार्ट मीटर लगवाकर यह साफ कर दिया है कि यह व्यवस्था आम जनता के लिए पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है।
मुखिया बोले- मोबाइल की तरह आसान है बिजली का हिसाब
कोरियावाँ पंचायत के मुखिया मनोज शर्मा ने स्मार्ट मीटर को उपभोक्ताओं के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि पहले बिजली बिल को लेकर जो विसंगतियां सामने आती थीं, अब इस पारदर्शी व्यवस्था से वे पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। मीटर लगने के बाद उन्होंने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इसमें उपभोक्ता को अपनी खपत की सटीक जानकारी मिलती है, जिससे बिजली बिल को लेकर होने वाली मानसिक परेशानी अब बीते दिनों की बात हो गई है।
अनावश्यक खर्च पर लगाम और बजट में रहेगी बिजली
केसपा पंचायत की मुखिया इन्द्रमणि देवी ने स्मार्ट मीटर को समय की सबसे बड़ी जरूरत करार दिया है। उनका कहना है कि जिस तरह हम मोबाइल रिचार्ज कर उसका उपयोग करते हैं, ठीक उसी तरह बिजली का उपयोग भी अब नियंत्रण में रहेगा। इससे उपभोक्ताओं में बिजली की बर्बादी रोकने की जागरूकता बढ़ेगी। जब सामने खपत का हिसाब रहेगा, तो लोग अनावश्यक पंखे और लाइट बंद करने की आदत डालेंगे, जिससे महीने के अंत में जेब पर पड़ने वाला बोझ कम होगा।
डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ते कदम और विभागीय प्रयास
बिजली विभाग ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि जनप्रतिनिधियों के आगे आने से आम लोगों में विश्वास बढ़ा है। विभाग का लक्ष्य जिले के हर घर को स्मार्ट मीटर से जोड़ना है ताकि बिलिंग की शिकायतों को शून्य किया जा सके। इस नई व्यवस्था से न केवल उपभोक्ताओं को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बिजली चोरी पर भी लगाम लगेगी। विभाग ने अपील की है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी इस डिजिटल बदलाव का हिस्सा बनें और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ उठाएं।






