गया। बिहार के गया जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मुफस्सिल थाना पुलिस ने मानपुर के कृष्णा नगर में छापेमारी कर बड़े पैमाने पर एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने भारी मात्रा में गैस सिलेंडरों के साथ दर्जनों उपभोक्ताओं के ओरिजिनल कार्ड और हिसाब-किताब की डायरियां बरामद की हैं। यह पूरी कार्रवाई मानपुर के घनी आबादी वाले इलाके में अंजाम दी गई, जहां अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का भंडारण कर लोगों की जान के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा था।
देर रात पुलिस की दबिश और आरोपियों की गिरफ्तारी
मुफस्सिल थाने की पुलिस शनिवार देर रात जब क्षेत्र में गश्ती कर रही थी, तभी मानपुर ग्रीन फील्ड मोड़ के पास उन्हें पुख्ता सूचना मिली कि कृष्णा नगर के एक मकान में गैस सिलेंडरों का अवैध स्टॉक रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही दो व्यक्ति मौके से भागने की कोशिश करने लगे, जिन्हें जवानों ने खदेड़कर पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान अजय सिंह और उनके पुत्र सन्नी कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से महकार थाना क्षेत्र के फतेहपुर के रहने वाले हैं और वर्तमान में कृष्णा नगर में रह रहे थे।
एस्बेस्टस के कमरे से मिला सिलेंडरों का जखीरा
जब पुलिस ने अजय सिंह के घर की विधिवत तलाशी ली, तो पक्के मकान के सामने बने एक एस्बेस्टस के कमरे में अवैध कारोबार का सारा राज खुल गया। वहां इंडेन, भारत और एचपी कंपनी के कुल 39 सिलेंडर बरामद हुए। इनमें घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के सिलेंडर शामिल थे। बरामदगी के दौरान कई सिलेंडर पूरी तरह भरे हुए थे, जबकि कुछ खाली और कुछ आंशिक रूप से भरे पाए गए। पूछताछ के दौरान आरोपी इन सिलेंडरों के भंडारण को लेकर कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक प्रमाण पेश नहीं कर सके।
69 कंज्यूमर कार्ड और लेन-देन की डायरियां बरामद

सिलेंडरों के अलावा पुलिस को मौके से 69 गैस उपभोक्ता कार्ड (कंज्यूमर कार्ड) बरामद हुए हैं, जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाला पहलू है। इसमें सबसे अधिक 52 कार्ड नारायणी इंडेन मानपुर के हैं, जबकि रेखा भारत गैस, टीएनएस इंडेन और सरस्वती एंटरप्राइजेज जैसी अन्य एजेंसियों के कार्ड भी शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने तीन लाल रंग की खाता बुक भी जब्त की है, जिनमें ‘प्रिया फैंसी डे-बुक’ और ‘प्रिया डे-बुक’ लिखा हुआ है। इन डायरियों में अवैध बिक्री और ग्राहकों के साथ किए गए लेन-देन का पूरा विवरण दर्ज है।
संगठित गिरोह के जरिए चल रहा था धोखाधड़ी का खेल
ट्रेनी IPS सह मुफस्सिल थानाध्यक्ष दीप्ति मोनाली ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में कार्ड और सिलेंडरों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि आरोपी एक संगठित गिरोह बनाकर काम कर रहे थे। ये लोग सीधे-सादे उपभोक्ताओं को झांसा देकर या अन्य माध्यमों से उनके कार्ड अपने पास रख लेते थे और उनके कोटे की गैस को ऊंचे दामों पर ब्लैक में बेचते थे। घनी बस्ती के बीच इस तरह सिलेंडरों को रखना आवश्यक वस्तु अधिनियम और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के गंभीर उल्लंघन के साथ-साथ एक संज्ञेय अपराध है। पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों और उनके अन्य अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आगे की जांच में जुट गई है।






