न्यूज डेस्क
गया: बिहार के गया जिले में किसानों को डिजिटल सशक्तिकरण से जोड़ने के लिए फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान पूरी गति से चलाया जा रहा है। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप, अब किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है और इसमें कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है।
15 रुपये का सेवा शुल्क भी सरकार देगी और किसानों के लिए प्रक्रिया होगी मुफ्त
किसानों की सुविधा को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आमतौर पर कॉमन सर्विस सेंटर या वसुधा केंद्रों पर लगने वाला 15 रुपये का सेवा शुल्क भी अब किसानों को नहीं देना होगा, क्योंकि इसका वहन संबंधित विभाग द्वारा किया जा रहा है। किसान अपने पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, राजस्व कर्मचारी या नजदीकी वसुधा केंद्र पर जाकर अपनी रजिस्ट्री करवा सकते हैं। इसके अलावा किसान फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर जाकर स्वयं भी अपनी फार्मर आईडी बना सकते हैं।
डिजिटल आईडी के लिए अनिवार्य दस्तावेज और पात्रता

फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों के पास कुछ मूलभूत दस्तावेजों का होना आवश्यक है। इसमें किसान का आधार कार्ड, सक्रिय मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से भूमि की जमाबंदी शामिल है। इन विवरणों को आधार से जोड़ा जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी योजना का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसान के खाते तक पहुँच सके।
एग्री स्टैक परियोजना से कृषि सेवाओं में आएगी क्रांतिकारी पारदर्शिता
फार्मर रजिस्ट्री असल में एग्री स्टैक परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में संचालित कृषि और किसान कल्याण योजनाओं को वास्तविक और पात्र किसानों तक सीधे पहुंचाना है। इस डिजिटल आईडी के बन जाने से फसल बीमा, केसीसी, सहायता अनुदान और फसल नुकसान होने पर वास्तविक क्षति का लाभ मिलना काफी आसान हो जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और पूरी प्रक्रिया सुगम बनेगी।
लापरवाही पर डीएम की सख्त कार्रवाई और डोभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी का वेतन अवरुद्ध
जिला पदाधिकारी ने कार्य की समीक्षा के दौरान खराब प्रगति वाले अंचलों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। डोभी प्रखंड के कृषि पदाधिकारी द्वारा फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में रुचि न लेने के कारण उनका वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी कर्मी या अधिकारी इस जनकल्याणकारी कार्य में लापरवाही बरतेंगे, उन्हें चिह्नित कर सेवा मुक्त करने या विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
गया जिले में 1136 लॉगिन आईडी सक्रिय और हर गांव में लगेंगे विशेष कैंप
जिला प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी मशीनरी को मैदान में उतार दिया है। गया जिले में वर्तमान में 1136 लॉगिन आईडी एक्टिवेट हैं जिनसे रजिस्ट्रेशन का कार्य किया जा रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के माध्यम से हर पंचायत और हर गांव में कैंप लगाकर किसानों की रजिस्ट्री सुनिश्चित करें। जिला पदाधिकारी ने स्थानीय मुखिया गण को भी इस महाअभियान में शामिल करने का निर्देश दिया है ताकि उनके माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा सके।






