मगध लाइव न्यूज़ संवाददाता | गयाजी
दीपावली के पावन अवसर पर गया जिले के कटारी स्थित प्रगति केंद्र में हर्षोल्लास और उमंग के साथ दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गैलेंट इंडिया फाउंडेशन द्वारा संचालित इस केंद्र में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बच्चों में शिक्षा, नैतिक मूल्यों, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी चेतना जागृत करना रहा। मिट्टी के दीयों की सौंधी खुशबू, पारंपरिक प्रकाश और बच्चों की बाल-सुलभ मुस्कान ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक और सामाजिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
स्वच्छता अभियान से शुरुआत और आकर्षक रंगोलियों से सजा परिसर

दीपोत्सव कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ एक विशेष स्वच्छता अभियान के साथ हुआ, जिसमें प्रगति केंद्र के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर परिसर की साफ-सफाई की। श्रमदान के बाद बच्चों ने अपनी कल्पना और रंगों के समन्वय से मनमोहक रंगोलियां उकेरीं। विशेष रूप से संस्था के लोगो और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देने वाली कलाकृतियों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया। इसके उपरांत पारंपरिक मिट्टी के दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे समूचा प्रांगण जगमगा उठा। संस्था की ओर से बच्चों के बीच पारंपरिक दीये, मिठाइयां और उपहार वितरित कर त्योहार की खुशियां बांटी गईं।
शिक्षा ही जीवन का सबसे बड़ा उजाला: मुख्य अतिथि

समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित श्री चितरंजन पासवान ने बच्चों को संबोधित करते हुए दीपावली के सांस्कृतिक और मानवीय महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह पावन पर्व केवल दीप जलाने की औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह अपने अंतर्मन में ज्ञान, सदाचार और सकारात्मक सोच का प्रकाश फैलाने का संकल्प है। उन्होंने बच्चों से पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने का आह्वान किया। वहीं अन्य गणमान्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि शिक्षा वह अविनाशी ज्योति है, जो जीवन से हर प्रकार के अंधकार को समाप्त कर सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
ग्रामीण बच्चों को सशक्त और संस्कारी बनाने का संकल्प
गैलेंट इंडिया फाउंडेशन के सचिव श्री विवेक कुमार ने संस्थान के विजन को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि प्रगति केंद्र का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भर आत्मविश्वास से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों से बच्चों में सामूहिकता, रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति नागरिक जिम्मेदारी की भावना सुदृढ़ होती है। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के सक्रिय कार्यकर्ताओं राहुल, सुशील, वैभव, सौरव, शिवांग, प्रियंका कुमारी और प्रज्ञा शांभवी की सराहनीय भूमिका रही। बड़ी संख्या में मौजूद स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच संस्थान ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए दीपोत्सव का समापन किया।







