मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
गया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुई खौफनाक लूट और गोलीबारी की घटना ने सबको दहला दिया था। लेकिन अब इस मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में इस सनसनीखेज वारदात की गुत्थी सुलझा ली है। एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने जब जांच शुरू की, तो शक की सुई उस शख्स पर जाकर रुकी जिस पर व्यापारियों को सबसे ज्यादा भरोसा था। जी हां, उनकी अपनी गाड़ी का चालक ही इस पूरी खौफनाक साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने चालक समेत तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटे गए तीन लाख रुपये नकद, घटना में इस्तेमाल दो कारें और नौ मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं।
आंखों में मिर्च पाउडर और ताबड़तोड़ फायरिंग यह रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात 31 अक्टूबर 2026 की है। व्यापारी पशु बेचकर खुशी-खुशी औरंगाबाद लौट रहे थे। तभी डीएवी स्कूल से थोड़ा आगे, सुनसान लाइब्रेरी के पास घात लगाए बैठे अपराधियों ने उनकी गाड़ी रुकवा ली। लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने जो दरिंदगी दिखाई, वह सिहरन पैदा करने वाली थी। बेखौफ लुटेरों ने सीधे दो लोगों के गले और मुंह पर गोलियां दाग दीं। तीसरे शख्स की आंखों में मिर्च का पाउडर झोंका और उसके पैर में भी गोली मार दी। इसके बाद अपराधी खून से लथपथ पीड़ितों को तड़पता छोड़कर रुपयों से भरा बैग और मोबाइल लेकर नवादा की तरफ भाग निकले।
सीसीटीवी और सर्विलांस ने खोल दिया सारा खेल वारदात के बाद मुफस्सिल पुलिस ने कांड संख्या 1216/26 दर्ज कर अपराधियों की सरगर्मी से तलाश शुरू की। शुरुआत में पुलिस के हाथ खाली थे, लेकिन घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की तकनीकी जांच ने सारा राज खोल दिया। पुलिस को पक्का सुराग मिला कि लुटेरों को गाड़ी की पल-पल की लोकेशन कोई अपना ही दे रहा था। जब पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ड्राइवर को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह टूट गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शर्मा बाजार में ताबड़तोड़ छापेमारी की और उसके साथी रवि कुमार तथा दिनेश कुमार को भी धर दबोचा।
एक अपराधी की तलाश में अब भी जारी है दबिश वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुशील कुमार ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बड़ी कामयाबी की पूरी कहानी मीडिया के सामने रखी। उन्होंने बताया कि गिरफ्त में आए अपराधियों की निशानदेही पर लूटी गई पूरी रकम और मोबाइल के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ियां जब्त कर ली गई हैं। हालांकि, इस खौफनाक गिरोह का एक और अहम सदस्य अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।






