मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गयाजी
गया के वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साइबर ठगी के एक बेहद खतरनाक और नए तरीके का खुलासा किया है। बिहार में साइबर अपराधी अब सीधे पुलिस की पहचान और कार्यप्रणाली का दुरुपयोग कर आम नागरिकों को अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस के अनुसार, ये जालसाज लोगों को केस में राहत दिलाने और गिरफ्तारी से बचाने का झांसा देकर पैसों की उगाही कर रहे हैं।
एससीआरबी पोर्टल से निकाली जा रही गोपनीय जानकारी ठगों ने एससीआरबी बिहार के आधिकारिक पोर्टल का गलत इस्तेमाल शुरू कर दिया है। अपराधी इस पोर्टल पर अपलोड की गई एफआईआर को डाउनलोड करते हैं और उसमें दर्ज वादी या अभियुक्तों के नाम, मोबाइल नंबर और अन्य निजी जानकारियां हासिल कर लेते हैं। इसके बाद इन नंबरों पर फोन कर खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए लोगों को गिरफ्तारी का डर दिखाया जाता है। पुलिस के नाम पर की जा रही इस ठगी के कारण कई लोग दहशत में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं।
एसएसपी की अपील और बचाव के उपाय इस गंभीर मामले को लेकर गया के एसएसपी ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस बनकर फोन करने वाले किसी भी अज्ञात व्यक्ति की पहचान की तुरंत पुष्टि की जानी चाहिए और केस में राहत दिलाने के नाम पर किसी को भी पैसे नहीं देने चाहिए। पुलिस ने निर्देश दिया है कि संदिग्ध फोन आने पर घबराने के बजाय संबंधित थाने से संपर्क करें और अपना ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम या यूपीआई पिन किसी से साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
गया पुलिस ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर नागरिकों की सुविधा और तत्काल सहायता के लिए गया पुलिस ने कई संपर्क सूत्र भी जारी किए हैं। किसी भी आपात स्थिति या शिकायत के लिए आम लोग सहायता नंबर 06312225901 पर या व्हाट्सएप नंबर 8544501050 पर सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा, गया पुलिस नियंत्रण कक्ष के नंबर 9031083206 पर भी कॉल करके संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी दी जा सकती है।







