मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
बिहार के गया जिले से एक बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आई है। कुछ दिन पूर्व अपनी जान की परवाह किए बिना चार महिलाओं को डूबने से बचाने वाले दो वीर बालकों को आज गया के जिला पदाधिकारी (डीएम) ने प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया है। संकट की घड़ी में जिस सूझबूझ और तत्परता से इन दोनों बच्चों ने चार जिंदगियां बचाई थीं, आज प्रशासन ने उनके उस अदम्य साहस को सलाम करते हुए उनका हौसला बढ़ाया है।
गुरुवार को कांस काटने के दौरान हुआ था हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना बीते गुरुवार को दोपहर के समय फतेहपुर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर पंचायत स्थित श्रीरामपुर गांव में हुई थी। गांव की छह महिलाएं घास काटने के बाद झाड़ू बनाने के लिए कांस काटने पानी में उतरी थीं। गहराई का अंदाजा न लगने के कारण वे अचानक गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। चीख-पुकार सुनकर पास ही मौजूद करियादपुर पंचायत के नेवडीहा ग्राम निवासी विक्की कुमार और संटू कुमार ने बिना एक पल गंवाए महिलाओं को बचाने का प्रयास शुरू कर दिया। दोनों बालकों ने अपनी जान पर खेलकर मौत के मुंह में जा रही चार महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।

डीएम ने बढ़ाया साहसी बच्चों का हौसला विक्की कुमार (पिता- श्री प्रदीप यादव) और संटू कुमार (पिता- श्री संजय यादव) के इस साहसिक कार्य की खबर जब प्रशासन तक पहुंची, तो जिला पदाधिकारी ने उन्हें प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया। आज जिलाधिकारी ने दोनों बच्चों को उनके अदम्य साहस, निःस्वार्थ सेवा और दूसरों के जीवन के प्रति संवेदनशीलता के लिए प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह में स्थानीय मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। डीएम ने बच्चों की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उनके द्वारा प्रदर्शित किया गया परोपकार और साहस पूरे समाज और युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है।







