मगध लाइव न्यूज़ | फतेहपुर
गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जगन्नाथपुर पंचायत के श्रीरामपुर गांव में गुरुवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक घटना घटी। गांव के समीप स्थित एक आहर (तालाब) में डूबने से दो महिलाओं की असमय मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और गांव में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। रोजमर्रा की तरह घास काटने गई महिलाओं के साथ पल भर में यह दुखद हादसा हो गया, लेकिन इस त्रासदी के बीच 11 वर्षीय एक बालक देवदूत बनकर सामने आया, जिसकी बहादुरी से चार अन्य महिलाओं की जान बच गई।
पैर फिसलने से हुआ हादसा, बचाने के प्रयास में डूबीं अन्य महिलाएं

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब एक बजे श्रीरामपुर गांव की छह महिलाएं पास के आहर के किनारे घास काटने गई हुई थीं। इसी दौरान अचानक एक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में गिर गई। उसे डूबता देख वहां मौजूद अन्य पांच महिलाओं ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे सभी भी पानी में डूबने लगीं। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास का माहौल बेहद तनावपूर्ण और अफरा-तफरी भरा हो गया।
11 वर्षीय विक्की ने दिखाया अदम्य साहस

इसी बीच वहां से गुजर रहे 11 वर्षीय बालक विक्की कुमार की नजर पानी में डूबती महिलाओं पर पड़ी। बिना एक पल गंवाए और अपनी जान की परवाह किए बिना सोनू तुरंत आहर में कूद गया। इस बालक ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए कड़ी मशक्कत के बाद चार महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, दुर्भाग्यवश पार्वती देवी नामक एक महिला को बचाया नहीं जा सका और पानी में डूबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से अचेत रेखा देवी को ग्रामीणों की मदद से आनन-फानन में गया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
पुलिस की जांच शुरू, गांव में पसरा मातम
हादसे की दुखद सूचना मिलते ही फतेहपुर थाना के अपर थानाध्यक्ष रामकृपाल यादव पूरे दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए गया भेजा जा रहा है। एक साथ दो महिलाओं की मौत से श्रीरामपुर गांव में शोक की लहर है और पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन और स्थानीय लोग इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।







