मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया

विकसित भारत अभियान के अंतर्गत संचालित 100 सप्ताह के नशा मुक्त युवा अभियान के तहत गया कॉलेज के मुंशी प्रेमचंद सभागार में ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व’ विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, चिकित्सा क्षेत्र की दिग्गज हस्तियां और सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे की दुष्प्रवृत्ति से दूर रखकर उन्हें राष्ट्र निर्माण और स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
हॉस्टल जीवन का व्यक्तिगत अनुभव और दृढ़ इच्छाशक्ति का संदेश

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रेड क्रॉस सोसाइटी, गया के डॉ. प्रदीप कुमार अग्रवाल ने अपने जीवन के व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने बेबाकी से स्वीकार किया कि हॉस्टल जीवन के दौरान वे खुद भी नशे की लत का शिकार हो गए थे, लेकिन सही समय पर अपनी मजबूत दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने इस सामाजिक बुराई से मुक्ति पाई और अपने जीवन को एक सफल दिशा दी। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश नशे की गिरफ्त में आ चुका है, तो उसे हताश होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सकारात्मक सोच और मजबूत संकल्प के साथ बाहर निकलने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी जोर दिया कि जो लोग नशे को छोड़ चुके हैं, उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे समाज के अन्य लोगों को भी इसके विरुद्ध जागरूक करें।
स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव और सकारात्मक ऊर्जा का संकल्प
मुख्य अतिथि जयप्रकाश अस्पताल के डॉ. एम. ई. हक ने नशापान से मानव शरीर पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों की विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा केवल शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं तोड़ता, बल्कि व्यक्ति के मानसिक संतुलन, पारिवारिक शांति और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी पूरी तरह नष्ट कर देता है। नशा मुक्ति के लिए सही परामर्श, परिवार के सहयोग और सामूहिक प्रयासों को अत्यंत आवश्यक बताया गया। इसी क्रम में कॉलेज के बर्सर डॉ. मारकंडेय पांडे ने युवाओं में वैचारिक क्रांति का आह्वान करते हुए कहा कि हमें जीवन में सफल होने, समाज को आगे बढ़ाने और प्रगति के पथ पर चलने का नशा पालना चाहिए, न कि ऐसा नशा जो जीवन को ही तबाही की ओर ढकेल दे।
प्राचार्य का संदेश और विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. सतीश सिंह चंद्र ने एनएसएस (NSS) स्वयंसेवकों और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि नशा मुक्ति किसी एक व्यक्ति या संस्थान का विषय नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समाज को एकसाथ मिलकर कदम बढ़ाना होगा। मंच संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार मिश्र ने किया, जिन्होंने इस अभियान की आवश्यकता और उद्देश्यों को रेखांकित किया। कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार और डॉ. रामदेव प्रसाद सहित अन्य शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। छात्र-छात्राओं ने भी इस विषय पर ओजस्वी विचार व्यक्त किए, जिसके बाद सक्रिय सहभागिता निभाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में सभी उपस्थित युवाओं ने एक स्वस्थ, जिम्मेदार और नशामुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।







