बिहार के मगध प्रक्षेत्र में अब अपराधियों और भ्रष्ट तत्वों के लिए अपने मंसूबे पूरे करना आसान नहीं रह गया है। मई 2026 में मगध रेंज (गया, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद और अरवल) के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) का पदभार संभालने वाले आईपीएस विकास वैभव ने अपनी कार्यशैली से यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून का राज कैसा होना चाहिए। उनका अल्टीमेटम बिल्कुल सीधा और साफ है— या तो अपराध का रास्ता छोड़ दें, या मगध की सीमा। बीते तीन-चार महीनों के भीतर सड़कों से लेकर थानों तक इस बदलाव की धमक साफ महसूस की जा रही है और पुलिस के प्रति जनता का विश्वास एक बार फिर से मजबूत हुआ है।
खाकी की आंतरिक शुद्धि और ‘जीरो टॉलरेंस’

आईजी विकास वैभव का स्पष्ट मानना है कि साफ-सुथरी व्यवस्था की शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी, अपराध की गंभीरता को कम आंकने और अवैध वसूली जैसी शिकायतों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की। इस सख्ती का असर यह हुआ कि पहले डेढ़ महीने के भीतर ही लापरवाही बरतने वाले कई अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी। इनमें बीपीएससी पास छात्रा से उगाही करने वाले कोंच थाना प्रभारी, अनुसंधान में घोर लापरवाही के लिए जहानाबाद के साइबर व सदर सर्कल इंस्पेक्टर, व्यवसायी पर दबाव बनाने वाले बांकेबाजार के एसएचओ और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने वाली गया महिला थाना अध्यक्ष शामिल हैं। इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि यदि रक्षक ही भक्षक बनेगा, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।
जन-संवाद से लौटता पुलिस का इकबाल

पुलिस का काम सिर्फ अपराधियों में खौफ पैदा करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षा का अहसास कराना भी है। अपने कार्यकाल के पहले ही महीने में आईजी ने लगभग पांच हजार लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर कम्युनिटी पुलिसिंग की एक बेहतरीन मिसाल पेश की। इस जन-सुनवाई के दौरान 1,196 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया। जनता और पुलिस के बीच की दूरी कम करने के लिए अब हर थाने में महीने के प्रथम शनिवार को सार्वजनिक ‘लोक संवाद गोष्ठी’ अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा, थानों में बुजुर्गों, प्रवासियों और पर्यटकों की विशेष सुविधा के लिए ‘सीनियर सिटीजन्स सेल’ की स्थापना से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है।
स्मार्ट पुलिसिंग और अपराध पर कड़ा प्रहार

अपराधियों पर नकेल कसने के लिए मगध पुलिस अब सिर्फ लाठी नहीं, बल्कि त्वरित रणनीति का भी इस्तेमाल कर रही है। प्रक्षेत्र में महिलाओं और बच्चों से जुड़े 188 गंभीर व संवेदनशील मामलों की कड़ी समीक्षा की गई है। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया के लिए गठित ‘क्विक रिस्पांस टीम’ (क्यूआरटी) ने ओबरा थाना क्षेत्र से अपहृत बच्चे को सुरक्षित बरामद करने और जहानाबाद में पेपर लीक के दौरान उपद्रव करने वाले 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने में अहम भूमिका निभाई है।
वैज्ञानिक अनुसंधान की नई मिसाल
अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आईजी विकास वैभव वैज्ञानिक अनुसंधान को भी बढ़ावा दे रहे हैं। अगस्त 2026 में अतरी (गया) में एक भैंस के मालिकाना हक को लेकर उठे विवाद को सुलझाने के लिए उन्होंने वास्तविक मालिक की पहचान हेतु ‘डीएनए टेस्ट’ कराने का जो ऐतिहासिक निर्देश दिया, वह स्मार्ट पुलिसिंग का एक अनूठा उदाहरण बन गया है। देर रात थानों के औचक निरीक्षण से लेकर जनता दरबार में उमड़ती भीड़ तक, यह साफ नजर आ रहा है कि मगध में सुशासन केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जमीन पर उतारा जा रहा एक मजबूत संकल्प है।







