मगध लाइव संवाददाता | फतेहपुर
गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। चरोखरी पंचायत के अंतर्गत आने वाले रघुनाथपुर गांव में गुरुवार को खेत में सिंचाई के दौरान करंट की चपेट में आने से मां और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। आंखों के सामने एक ही परिवार की दो चिताएं उठने की खबर से पूरे गांव में मातम का सन्नाटा पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मोटर पंप चालू करते वक्त हुआ हादसा, बचाने दौड़ी थी मां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रघुनाथपुर गांव निवासी जगदीश यादव के पुत्र लाला यादव अपने धान के खेत में पटवन (सिंचाई) करने के लिए गए हुए थे। बताया जा रहा है कि खेत में लगे मोटर पंप को चालू करने के दौरान अचानक वे विद्युत प्रवाहित नंगे तार के संपर्क में आ गए। करंट लगते ही लाला यादव मौके पर ही तड़पने लगे। बेटे की चीख सुनकर और उसे मौत से जूझता देख उनकी मां सुंदरी देवी अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। दुर्भाग्यवश, बेटे को करंट के चंगुल से छुड़ाने के इस हताश प्रयास में मां भी उस जानलेवा करंट की चपेट में आ गईं।
मौके पर ही दोनों ने तोड़ा दम, बिजली विभाग से नाराजगी
करंट का झटका इतना जोरदार था कि मां और बेटे दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर जंगल की आग की तरह पूरे गांव में फैल गई, जिसके बाद ग्रामीणों की भारी भीड़ खेत की ओर दौड़ पड़ी। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों में बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि खेतों से गुजरने वाले बिजली के जर्जर तारों और मोटर पंप के कनेक्शन की सुरक्षा व्यवस्था की तुरंत जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी और निर्दोष किसान को अपनी जान न गंवानी पड़े।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया, पोस्टमार्टम की तैयारी
घटना की सूचना मिलते ही फतेहपुर थाना के एसआई अम्बुज कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएनएमएमसीएच) गया भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।







