मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
गया जंक्शन पर रविवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त टीम ने ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। श्रावणी मेले की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर एक से एक संदिग्ध व्यक्ति को 10 लाख 3 हजार 170 रुपये नकद के साथ हिरासत में लिया गया है। बरामद की गई इस भारी नकदी के संबंध में कोई वैध कागजात प्रस्तुत न कर पाने पर पुलिस ने नकदी जब्त कर ली है और आगे की कार्रवाई के लिए मामले को आयकर विभाग को सौंप दिया है।
संदिग्ध हालत में बैग के साथ पकड़ा गया युवक
आरपीएफ पोस्ट गया द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रविवार को आरपीएफ निरीक्षक बनारसी यादव और जीआरपी थानाध्यक्ष शिव कुमार के निर्देशन में स्टेशन परिसर में संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान टीम जब प्लेटफॉर्म संख्या एक के दक्षिणी छोर के पास पहुंची, तो एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। पुलिस बल को देखकर वह घबराने लगा, जिसके बाद जवानों ने उसे रोककर पूछताछ की। जब पुलिस ने संदेह के आधार पर उसके बैग की सघन तलाशी ली, तो उसके अंदर से भारतीय मुद्रा में कुल 10,03,170 (दस लाख तीन हजार एक सौ सत्तर) रुपये नकद बरामद हुए।
वैध कागजात नहीं दिखा सका, पटना से पहुंची इनकम टैक्स की टीम
पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने अपनी पहचान गया शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र अंतर्गत न्यू करीमगंज (रोड नंबर आठ) निवासी 37 वर्षीय मोहम्मद नसरुल्लाह के रूप में दी। जब रेलवे पुलिस ने उससे इतनी बड़ी मात्रा में नकदी अपने पास रखने और परिवहन करने के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद आरपीएफ ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे डिटेन कर लिया और इस हाई-प्रोफाइल मामले की सूचना तुरंत डायरेक्टर ऑफ इनकम टैक्स (इन्वेस्टिगेशन), पटना को दी।
आयकर निरीक्षक को सौंपा गया कैश और आरोपी
सूचना मिलते ही पटना आयकर कार्यालय से आयकर निरीक्षक सिद्धिकांत चौधरी तत्काल आरपीएफ पोस्ट गया पहुंचे। रेलवे पुलिस ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पकड़े गए व्यक्ति मोहम्मद नसरुल्लाह और जब्त की गई पूरी नकदी (10,03,170 रुपये) को आगे की जांच और उचित कानूनी कार्रवाई के लिए आयकर विभाग की टीम को सुपुर्द कर दिया है। अब आयकर विभाग इस बात की गहन तफ्तीश कर रहा है कि इतनी बड़ी रकम हवाला की तो नहीं थी और इसे कहां से लाकर कहां खपाने की तैयारी थी।







