फतेहपुर: बिहार के गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ‘डायन’ बताकर सरेआम पीटने और गर्भवती बहू पर जानलेवा हमला करने के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। पिछले 6 दिनों से मामले को रफा-दफा करने में जुटी फतेहपुर पुलिस मगध रेंज के महानिरीक्षक (IG) विकास वैभव की कड़ी फटकार के बाद आखिरकार जाग गई है। आईजी के सख्त निर्देश और कड़े हस्तक्षेप के बाद, कुंभकर्णी नींद सो रही स्थानीय पुलिस ने आनन-फानन में इस गंभीर मामले में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
IG दरबार में पहुंची पीड़िता, फटकार के बाद हरकत में आई पुलिस
इस बर्बर घटना के बाद न्याय की आस में पीड़िता सोना देवी ने सबसे पहले फतेहपुर थाने का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। थाना प्रभारी लगातार मामले को टालते रहे और उल्टे पीड़िता पर ही नाम वापस लेने का दबाव बनाते रहे। स्थानीय पुलिस की इस संवेदनहीन कार्यप्रणाली से त्रस्त होकर पीड़िता ने आज सीधे मगध रेंज के आईजी विकास वैभव के कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता ने आईजी को घटना की पूरी जानकारी, नामजद आरोपियों की सूची और वीडियो साक्ष्य सौंपे।
मामले की गंभीरता, महिलाओं पर हुए अमानवीय अत्याचार और फतेहपुर थाने की घोर लापरवाही को देखते हुए आईजी विकास वैभव ने तत्काल कड़ा संज्ञान लिया। सूत्रों के अनुसार, आईजी ने फतेहपुर थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई और कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने को लेकर जमकर क्लास लगाई। उन्होंने अविलंब मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने का सख्त आदेश दिया। आईजी के इसी सख्त निर्देश का असर था कि 6 दिनों से टालमटोल कर रही पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्रूरता की हदें: गर्भवती के पेट पर मारे थे मुक्के, घर किया था जमींदोज
ज्ञात हो कि यह दिल दहला देने वाली घटना 27 जुलाई 2026 की शाम करीब 5 बजे की है। हसरा पंचायत के सलैयाकला गांव निवासी पीड़िता सोना देवी अपने घर पर मौजूद थीं, तभी गांव के ही कृष्णा चौधरी अपने बेटों जितेन्द्र, पिन्टु, महेन्द्र और बहू पिंकी देवी के साथ लाठी-डंडों व पत्थरों से लैस होकर वहां आ धमके। कृष्णा चौधरी ने बुजुर्ग महिला को ‘डायन’ कहते हुए बाल पकड़कर घर से बाहर घसीटा और जान से मारने की नीयत से लाठियों से ताबड़तोड़ प्रहार किया।
जब पीड़िता का बेटा शंकर और बड़ी बहू रजनी उन्हें बचाने आए, तो आरोपियों ने उन्हें भी सरेआम अपमानित करते हुए पीटा। पिन्टु चौधरी ने शंकर का गला दबाकर हत्या का प्रयास किया और गले से सोने का ताबीज छीन लिया। क्रूरता की सारी हदें तब पार हो गईं, जब दबंगों ने 21 वर्षीय गर्भवती छोटी बहू आरती देवी के बाल खींचे और उसके पेट पर मुक्के मारे, जिससे उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़िता के खपरैल मकान पर ईंट-पत्थरों से हमला कर उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे बरसात के मौसम में परिवार के सामने सिर छुपाने का संकट खड़ा हो गया है।
न्याय की जगी उम्मीद, लेकिन अब भी गिरफ्तारी का इंतजार
मगध आईजी के हस्तक्षेप से एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़ित परिवार में न्याय की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन खौफ का साया अब भी बरकरार है। नामजद आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और गांव में खुलेआम घूमकर परिवार को धमका रहे हैं और समाज में उनका बहिष्कार कराने का षड्यंत्र रच रहे हैं। पूरा परिवार मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित है। पीड़िता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके जिम्मेदार यही आरोपी होंगे। अब देखना यह है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद फतेहपुर पुलिस इन दबंग आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक सुनिश्चित करती है।








