गया: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ बिहार के गया जिले में आम जनता के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। जिले में नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई इस योजना के अंतर्गत अब तक 914 आवासीय उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इस बेहतरीन शुरुआत से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिल रहा है, बल्कि आम नागरिकों को हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली बिलों से भी हमेशा के लिए राहत मिल गई है।
योजना का लाभ उठा रहे उपभोक्ताओं के चेहरों पर अब साफ तौर पर खुशी देखी जा सकती है। कई लाभार्थियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि सोलर प्लांट लगने के बाद उनका मासिक बिजली बिल अब लगभग शून्य के करीब पहुंच गया है। उपभोक्ताओं ने इस पूरी व्यवस्था में अपनाई गई पारदर्शिता की जमकर सराहना की है। उनका कहना है कि सोलर सिस्टम के इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्धारित सब्सिडी की राशि बिना किसी देरी या बिचौलिए के सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। समय पर मिली इस आर्थिक मदद ने योजना के प्रति जनता के विश्वास को और ज्यादा मजबूत किया है।
इस योजना की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह इसकी बहुआयामी विशेषताएं हैं। जहां एक तरफ घर पर ही सौर ऊर्जा के उत्पादन से उपभोक्ताओं के बजट को बड़ी राहत मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ पूरी आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन और बेहद सरल रखा गया है। इसके अलावा, जो लोग शुरुआती निवेश के लिए चिंतित हैं, उनके लिए बैंकों के माध्यम से आसान किश्तों पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। यही कारण है कि इस योजना को लेकर उपभोक्ताओं में शत-प्रतिशत संतुष्टि देखी जा रही है और वे अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी इससे जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। स्वच्छ और हरित ऊर्जा का यह विकल्प पर्यावरण में कार्बन फुटप्रिंट और प्रदूषण को कम करने में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है।
इस सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए विद्युत विभाग, गया के कार्यपालक अभियंता ने जिलेवासियों से इस सुनहरे अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कराएं और बिजली बिल के आर्थिक बोझ से हमेशा के लिए मुक्ति पाएं। सरकार द्वारा दी जा रही आकर्षक सब्सिडी का लाभ उठाकर हर परिवार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना चाहिए, ताकि एक स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल गया का निर्माण किया जा सके।
जो भी इच्छुक उपभोक्ता इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे इसके आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल पर जाकर बेहद आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, योजना से जुड़ी किसी भी तकनीकी जानकारी, मार्गदर्शन या समस्या के समाधान के लिए अपने निकटतम विद्युत कार्यालय अथवा संबंधित क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता से भी सीधे संपर्क किया जा सकता है। विद्युत विभाग ने गया के सभी पात्र नागरिकों से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है ताकि ‘ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारा जा सके।







