गया: मगध की ऐतिहासिक और पावन भूमि एक बार फिर भारतीय सेना के अदम्य साहस और गौरवशाली परंपरा की गवाह बनी। शनिवार, 7 मार्च 2026 को बोधगया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) के ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ ही भारतीय सेना के बेड़े में 281 नए सैन्य अधिकारी शामिल हो गए। इस गौरवशाली क्षण की सबसे खास विशेषता 28 महिला कैडेट्स की भागीदारी रही, जिन्होंने कड़े प्रशिक्षण के बाद सेना में अधिकारी बनकर नारी शक्ति का परचम लहराया है।
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने ली भव्य परेड की सलामी


समारोह के मुख्य अतिथि और दक्षिणी कमान के कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने परेड का निरीक्षण किया और युवा सैन्य अधिकारियों की सलामी ली। बैंड की धुन पर कदमताल करते कैडेट्स के चेहरों पर देश सेवा का अटूट संकल्प साफ झलक रहा था। अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने नए अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि आज से उनके जीवन का एक नया और चुनौतीपूर्ण अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि एकेडमी में मिला उत्कृष्ट प्रशिक्षण उन्हें हर विपरीत परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार रखेगा।
अंतिम पग और कंधों पर चमकते सितारों का गौरव






परेड के दौरान ‘अंतिम पग’ पार करते ही जेंटलमैन और महिला कैडेट्स विधिवत रूप से भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। इसके तुरंत बाद आयोजित पिपिंग सेरेमनी में भावुक और गर्व भरे दृश्य देखने को मिले। माता-पिता ने अपने कलेजे के टुकड़ों के कंधों पर सैन्य रैंक के सितारे सजाए, तो पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। कैडेट्स ने एक-दूसरे को गले लगाकर और हाथ मिलाकर इस ऐतिहासिक सफलता की बधाई दी, जो उनकी वर्षों की तपस्या और कठोर अनुशासन का प्रतिफल था।
रानी लक्ष्मीबाई स्टेडियम में दिखा अद्भुत रण-कौशल
मुख्य परेड से एक दिन पूर्व, 6 मार्च की शाम रानी लक्ष्मीबाई स्टेडियम में ‘मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले’ का आयोजन किया गया था। इस दौरान कैडेट्स ने अपनी शारीरिक क्षमता और युद्ध कौशल का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। घुड़सवारी के दौरान टेंट पेगिंग और बाधा दौड़ में दिखाए गए संतुलन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं जिम्नास्टिक्स और हाई हॉर्स डिस्प्ले के माध्यम से कैडेट्स ने अपनी फुर्ती और सैन्य दक्षता का लोहा मनवाया। कार्यक्रम के अंत में हुई आतिशबाजी ने इस समारोह की चमक को और भी बढ़ा दिया।

त्याग और समर्पण का सम्मान: गौरव पदक समारोह
इस विशेष अवसर पर उन अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने बच्चों को राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ सशस्त्र बलों को समर्पित किया है। लेफ्टिनेंट जनरल विवेक कश्यप और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित गौरव पदक समारोह ने परिवारों के बलिदान को नई पहचान दी। गया ओटीए अब देश के उन चुनिंदा केंद्रों में अपनी पहचान पुख्ता कर चुका है, जहाँ से हर साल सैकड़ों युवा ऑफिसर बनकर आधुनिक भारत की सुरक्षा दीवार को और मजबूत कर रहे हैं।






