रिपोर्ट: देवब्रत मंडल
गया। बिहार के चर्चित गया रेल थाना सोना लूटकांड के मुख्य आरोपी और निलंबित थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह की जमानत याचिका पर मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मदन किशोर कौशिक की अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से केस डायरी तलब की है और अगली सुनवाई के लिए 24 जनवरी की तिथि मुकर्रर की है. सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता नीरज कुमार ने जमानत के पक्ष में तर्क दिए, जबकि लोक अभियोजक सरताज अली खान ने केस डायरी की मांग की जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया.
गौरतलब है कि निलंबित थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह 31 दिसंबर से ही गया के सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं. इससे पहले 5 जनवरी को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद जिला जज की अदालत में गुहार लगाई गई थी. यह मामला गया रेल थाना कांड संख्या 334/2025 के तहत दर्ज है, जिसमें राजेश कुमार सिंह के अलावा चार सिपाही और दो नागरिकों को नामजद आरोपी बनाया गया है.
यह पूरा घटनाक्रम 21 नवंबर की सुबह का है, जब हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस के साधारण कोच में सफर कर रहे यात्री धनंजय शाश्वत से करीब एक किलोग्राम सोना लूट लिया गया था. पीड़ित यात्री मनोज सोनी नामक स्वर्ण व्यवसायी का करीब 1.40 करोड़ रुपये का सोना लेकर जयपुर जा रहा था, तभी गया रेल थाना क्षेत्र में उसके साथ मारपीट की गई और डरा-धमकाकर सोना छीन लिया गया.
इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में आईओ वीरेंद्र प्रसाद को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और वर्तमान में पटना रेल मुख्यालय की एसआईटी मामले की जांच कर रही है. अब 24 जनवरी को होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं क्योंकि केस डायरी ही आरोपी थानेदार की किस्मत का फैसला करेगी.






