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वरिष्ठ पत्रकार देवब्रत मंडल का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक; मगध लाइव ने खोया अपना संपादक

On: Monday, September 21, 2026 5:54 PM

दैनिक जागरण के शुरुआती दौर से पत्रकारिता की लंबी पारी, रेलवे और गया नगर निगम की खबरों पर रही विशेष पकड़; छह वर्षों से मगध लाइव को दे रहे थे संपादकीय दिशा

गया। गया के वरिष्ठ पत्रकार एवं मगध लाइव न्यूज के संपादक देवब्रत मंडल अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन की खबर से गया और मगध के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। निष्पक्ष, निर्भीक और बेबाक पत्रकारिता के लिए अपनी अलग पहचान बनाने वाले देवब्रत मंडल ने अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में खबरों की विश्वसनीयता और सच्चाई को हमेशा प्राथमिकता दी।

बताया गया कि देवब्रत मंडल जी पिछले करीब 25 दिनों से बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में इलाजरत थे। वहां से उन्हें बेहतर उपचार के लिए पटना स्थित IGIMS में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

उनके निधन से पत्नी साधना देवी, बेटियों प्रतिभा, निशा और तन्नू तथा बेटे अभिषेक सहित पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

दैनिक जागरण के शुरुआती दौर से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर

देवब्रत मंडल  का पत्रकारिता जीवन कई दशकों में फैला हुआ था। बिहार में दैनिक जागरण के शुरुआती दौर से ही उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दीं। लंबे पत्रकारिता जीवन के दौरान रेलवे और गया नगर निगम से जुड़ी खबरों पर उनकी विशेष पकड़ रही।

रेलवे की खबरों से लेकर गया शहर की नागरिक समस्याओं और नगर निगम से जुड़े मुद्दों तक, उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सरोकार प्रमुखता से दिखाई देता था। वह खबर को केवल सूचना के तौर पर नहीं, बल्कि आम लोगों से जुड़े सवाल के रूप में देखते थे।

रफीगंज राजधानी एक्सप्रेस हादसा: पत्रकारिता के साथ इंसानियत की मिसाल

देवब्रत मंडल जी के पत्रकारिता जीवन की कई घटनाएं आज भी उनके साथी पत्रकारों के बीच याद की जाती हैं। इनमें रफीगंज में हुआ दर्दनाक राजधानी एक्सप्रेस हादसा भी शामिल है।

उस भयावह हादसे की खबर को सबसे पहले सामने लाने वाले पत्रकारों में देवब्रत मंडल जी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। खबर ब्रेक करने के बाद वह तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और वहां से ग्राउंड रिपोर्टिंग की।

लेकिन उस रात उनकी भूमिका केवल एक पत्रकार तक सीमित नहीं रही। हादसे में अपनों को खो चुके परिवारों की पीड़ा को करीब से देखने के बाद उन्होंने कई पीड़ित परिजनों की मदद भी की। उस घटना ने उनके मन पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

करीब 20 साल बाद, मगध लाइव की ओर से उन्होंने उसी हादसे की यादों को फिर से सामने लाने के लिए घटनास्थल पर जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की। वर्षों बाद उसी जगह खड़े होकर उस काली रात की घटनाओं को याद करना उनके लिए महज एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि उनके पत्रकारिता जीवन की एक बेहद भावुक स्मृति थी।

सीमित संसाधनों से मगध लाइव को नई पहचान देने तक

मगध लाइव न्यूज की स्थापना से लेकर पिछले छह वर्षों के सफर तक देवब्रत मंडल जी बतौर संपादक जुड़े रहे।

सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुए डिजिटल न्यूज चैनल को मजबूत आधार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। खबरों के चयन, तथ्यपरक रिपोर्टिंग, संपादकीय दिशा और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने में उनका अनुभव मगध लाइव के लिए लगातार मार्गदर्शक रहा।

उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि पत्रकारिता में परिस्थितियां कैसी भी हों, सच्चाई से समझौता नहीं होना चाहिए।

उनकी यही सोच मगध लाइव की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी।

डीएम शशांक शुभंकर ने जताया शोक

देवब्रत मंडल जी के निधन पर गया के जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने भी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। अपने शोक संदेश में उन्होंने देवब्रत मंडल जी को एक सक्रिय पत्रकार एवं समाजसेवी बताते हुए कहा कि उनके निधन से पत्रकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।

जिला पदाधिकारी ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति और शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

निदेशक दीपक कुमार ने कहा—‘एक संपादक नहीं, अपना मार्गदर्शक खो दिया’

देवब्रत मंडल जी के निधन पर मगध लाइव न्यूज के निदेशक दीपक कुमार ने गहरा दुख व्यक्त किया।

दीपक कुमार ने कहा, “देवब्रत मंडल जी का जाना मेरे लिए केवल एक वरिष्ठ पत्रकार और संपादक को खोना नहीं है, बल्कि मेरे लिए यह एक मार्गदर्शक, बड़े भाई और ऐसे साथी को खोना है, जिनसे पत्रकारिता के हर कठिन दौर में सीखने को मिला। मगध लाइव की स्थापना के समय से उन्होंने जिस तरह सीमित संसाधनों में हमारे साथ खड़े होकर इस संस्थान को अपनी मेहनत, अनुभव और ईमानदार पत्रकारिता से मजबूत किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।”

उन्होंने कहा, “देवब्रत जी ने कभी सच्चाई से समझौता नहीं किया। उनकी पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत उनकी निष्पक्षता, निर्भीकता और बेबाकी थी। उन्होंने हमें हमेशा सिखाया कि खबर किसी के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि सच के पक्ष में होनी चाहिए। आज उनकी कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता।”

दीपक कुमार ने भावुक होते हुए कहा, “मगध लाइव की यात्रा में देवब्रत मंडल जी का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी कलम भले ही थम गई है, लेकिन उन्होंने पत्रकारिता के जो मूल्य हमें दिए हैं, वे हमेशा हमारे साथ रहेंगे। हम उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए जनसरोकार और सच्चाई की पत्रकारिता को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।”

अंतिम विदाई आज शाम

देवब्रत मंडल जी का अंतिम संस्कार आज शाम 7 बजे के बाद विष्णुपद श्मशान घाट, गया में किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और परिचितों के पहुंचने की संभावना है।

देवब्रत मंडल जी की जिंदगी की कहानी केवल एक पत्रकार की कहानी नहीं है। यह उस पीढ़ी के पत्रकार की कहानी है जिसने पत्रकारिता को संघर्ष के बीच सीखा, खबर को जमीन पर जाकर समझा और अपनी कलम को सच के प्रति जवाबदेह रखा।

आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी निर्भीक आवाज, उनकी बेबाक कलम और पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता लंबे समय तक याद की जाती रहेगी।

मगध लाइव परिवार की ओर से अपने संपादक, मार्गदर्शक और वरिष्ठ पत्रकार देवब्रत मंडल जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

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