गया। हावड़ा–बीकानेर (ट्रेन संख्या 22307) में हुए एक किलो सोना लूटकांड में पुलिस ने निर्णायक कदम उठाते हुए गया जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को निलंबन के कुछ ही घंटों बाद थानाध्यक्ष को हिरासत में लिया गया। बुधवार देर शाम उन्हें पटना से गया लाया गया, जहां रेल न्यायालय में पेशी के बाद एसीजेएम-1 ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
तकनीकी साक्ष्यों ने खोली पोल
तीन डीएसपी की एसआईटी जांच में मोबाइल टावर लोकेशन, सीडीआर और व्हाट्सएप चैट जैसे तकनीकी साक्ष्यों से थानाध्यक्ष की साजिश में भूमिका उजागर हुई। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
21 नवंबर की वारदात, ट्रेन से उतारकर की गई लूट
घटना 21 नवंबर की है। सोना व्यवसायी मनोज सोनी का कूरियर धनंजय शाश्वत कोलकाता से एक किलो सोना लेकर 22307 हावड़ा–बीकानेर एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रहा था। सूचना मिलते ही गया जीआरपी के चार सिपाही और दो निजी लोग कोडरमा पहुंचे, ट्रेन में सवार हुए और गया जंक्शन से पहले कूरियर को जबरन उतारकर मारपीट की तथा सोने के बिस्किट छीन लिए।
निलंबन के बाद गिरफ्तारी, अब छापेमारी
जांच में संलिप्त पाए जाने पर थानाध्यक्ष समेत चार सिपाही—करण, अभिषेक, रंजय और आनंद मोहन—को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। गिरफ्तारी की पुष्टि रेल एसएसपी डॉ. इनामुल हक़ ने की। फिलहाल फरार चारों सिपाहियों, निजी व्यक्ति परवेज आलम और पूर्व चालक सीताराम की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।





