बिहार के शिक्षा जगत और विकास गाथा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। गया में आयोजित जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ‘बोधीपेक्स-2026’ के मंच से भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बोधगया के सफल एक दशक के सफर को सम्मानित किया गया। भारतीय डाक विभाग ने संस्थान की इस 10 वर्षीय उत्कृष्ट यात्रा पर एक विशेष स्मारक डाक आवरण (Special Cover) जारी किया है। यह पहल न केवल आईआईएम बोधगया की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि यह बदलते बिहार की उस तस्वीर को भी पेश करती है जो अब आधुनिक प्रबंधन शिक्षा और बौद्धिक विमर्श का वैश्विक केंद्र बनता जा रहा है।

शून्य से शिखर तक का सफर: 30 छात्रों से शुरू होकर 1600 के पार पहुंची शैक्षणिक ताकत
आईआईएम बोधगया की यात्रा किसी प्रेरणा से कम नहीं है। महज 30 छात्रों के एक छोटे से शुरुआती बैच से सफर शुरू करने वाला यह संस्थान आज 1,600 से अधिक छात्रों के एक विशाल और जीवंत शैक्षणिक परिवार में तब्दील हो चुका है। वर्तमान में यहाँ देश के 280 से अधिक शहरों के छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो इसकी राष्ट्रीय स्वीकार्यता और विविधता का प्रमाण है। संस्थान ने न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की है, बल्कि शोध आधारित शिक्षण और उद्योग जगत के साथ गहरे संबंध स्थापित कर बिहार को प्रबंधन शिक्षा के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर दिया है।
विविध पाठ्यक्रमों का संगम: भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तैयार कर रहा है संस्थान

आज यह संस्थान केवल सामान्य एमबीए तक सीमित नहीं है, बल्कि समय की मांग को देखते हुए डिजिटल बिजनेस मैनेजमेंट और हॉस्पिटल एवं हेल्थकेयर मैनेजमेंट जैसे विशेष पाठ्यक्रम भी संचालित कर रहा है। इसके अलावा, इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (IPM), पीएचडी और कामकाजी पेशेवरों के लिए एग्जीक्यूटिव एमबीए जैसे प्रोग्राम यहाँ की शैक्षणिक गहराई को दर्शाते हैं। ये पाठ्यक्रम छात्रों को करियर के हर पड़ाव पर नेतृत्व के लिए तैयार करने में सक्षम हैं।
क्लासरूम से आगे निकलकर सामाजिक और प्रशासनिक बदलाव का बना वाहक
आईआईएम बोधगया की भूमिका केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रही है। मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम्स (MDPs) और मुख्यमंत्री फेलोशिप जैसे कार्यक्रमों के जरिए संस्थान ने बिहार के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई है। बिहार पुलिस अकादमी के अधिकारियों को नेतृत्व का प्रशिक्षण देने से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के ‘माइंडफुलनेस’ सम्मेलनों के आयोजन तक, संस्थान ने मानसिक संतुलन और आधुनिक प्रबंधन का अनूठा मेल प्रस्तुत किया है। ‘लीडरशिप इन ए वूका वर्ल्ड’ जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के माध्यम से बिहार की प्रतिभा और क्षमता का लोहा दुनिया भर में माना जा रहा है।
विरासत और आधुनिकता का मेल: राष्ट्र निर्माण की दिशा में भारतीय डाक की अनूठी भेंट
भारतीय डाक द्वारा जारी किया गया यह विशेष स्मारक लिफाफा राष्ट्र निर्माण, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत के बीच एक मजबूत कड़ी का प्रतीक है। यह इस बात की तस्दीक करता है कि कैसे एक शैक्षणिक संस्थान अपने विजन और कड़ी मेहनत से राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में उत्प्रेरक की भूमिका निभा सकता है। यह सम्मान न केवल आईआईएम बोधगया के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे मगध क्षेत्र और बिहार के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।






