गया। हावड़ा–जोधपुर (बीकानेर) सुपरफास्ट एक्सप्रेस में हुए एक किलो सोना लूटकांड में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीनियर अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जिस अधिकारी ने खुद लिखित बयान देकर मामला दर्ज कराया था, वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। जांच रिपोर्ट के आधार पर गया जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
चार सिपाही भी सस्पेंड, अलग से केस दर्ज
जांच में गया रेल थाना के चार सिपाही करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार और आनंद मोहन और भी कांड में संलिप्त पाए गए हैं। चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इन चारों के विरुद्ध गया रेल थाना कांड संख्या 334/25 (दिनांक 29.11.2025) के तहत लूट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
धाराओं में बढ़ोतरी, पीसी एक्ट भी लागू
डीएसपी के पर्यवेक्षण के बाद कांड में बीएनएस की गंभीर धाराएँ जोड़ी गई हैं। संशोधित कांड में
धारा 309/308/351/61/281/197/107/3(5) बीएनएस तथा
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 एवं 13(2)
के अंतर्गत अपराध सत्य पाया गया है।
कैसे रची गई लूट की साजिश
लूट की वारदात 21 नवंबर 2025 की है। कानपुर के सोना कारोबारी मनोज सोनी के स्टाफ धनंजय शाश्वत हावड़ा–जोधपुर एक्सप्रेस से एक किलो सोना लेकर यात्रा कर रहा था। ट्रेन कोडरमा–गया सेक्शन में थी। सूत्रों के अनुसार, गया रेल पुलिस का अधिकार क्षेत्र कोडरमा तक नहीं है, इसके बावजूद चारों सिपाही एक निजी व्यक्ति परवेज आलम और रेल थाना के पूर्व चालक सीताराम के साथ वहां पहुंचे। आरोपियों को पहले से सूचना थी कि कुरियर कर्मी जनरल बोगी में सोना लेकर यात्रा कर रहा है।
कोडरमा में ट्रेन रुकते ही सभी सवार हुए और गया से पहले शाश्वत को जबरन ट्रेन से उतारकर मारपीट की गई तथा सोने की चार बिस्किट लूट ली गईं।
सांसद से शिकायत के बाद एसआईटी का गठन
घटना के बाद कारोबारी मनोज सोनी ने मामले की जानकारी खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा को दी। सांसद ने पटना रेल एसपी से संपर्क कर निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन डीएसपी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया।
रेल एसपी ने निलंबन की पुष्टि, जांच जारी
रेल एसपी डॉ. इनामुल हक ने थानाध्यक्ष समेत सभी संलिप्त पुलिसकर्मियों के निलंबन की आधिकारिक पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों पर भी कार्रवाई हो सकती है।






