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बिहार राज्य में यूजीसी श्रेणी-1 का दर्जा पाने वाला सीयूएसबी पहला विश्वविद्यालय

On: Wednesday, January 1, 2025 4:28 PM

टिकारी संवाददाता: सीयूएसबी के लिए वर्ष 2024 सकारात्मक व विश्वविद्यालय परिवार के लिए उत्साहजनक है। फरवरी माह में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सीयूएसबी को श्रेणी-1 का दर्जा दिया, जो राज्य में किसी विश्वविद्यालय के लिए पहला था। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम युवा संगम चरण 5.0 का संचालन करने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा सीयूएसबी को बिहार राज्य के लिए नोडल संस्थान बनाया गया था। इस कार्यक्रम के तहत राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए बिहार और कर्नाटक से 50 युवाओं का चयन किया गया था। अपने युग्मित संस्थान आईआईटी धारवाड़ के साथ सीयूएसबी द्वारा युवा संगम 5.0 का सफलतापूर्वक संचालन किया गया और युवाओं को दोनों राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में पता चला ।वर्ष 2009 में स्थापित और जून 2023 में राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) से उच्चतम ‘ए++’ रेटिंग प्राप्त करने वाले सीयूएसबी की शैक्षणिक उत्कृष्टता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बनाए रखने की खोज पूरे वर्ष जारी रही। सीयूएसबी के स्कूल आफ ला एंड गवर्नेंस (एसएलजी) के कुल 17 छात्रों ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित 32वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा 2023 उत्तीर्ण की। वैश्विक प्रतिस्पर्धी के बीच इस शैक्षणिक वर्ष से विश्वविद्यालय ने 60 सीटों के साथ पांच वर्षीय बीबीए एलएलबी कार्यक्रम शुरू किया। सीयूएसबी के मेधावी छात्रों ने लगातार पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और अच्छे ग्रेड हासिल किए हैं। वहीं दूसरी ओर उन्होंने कैंपस सेलेक्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कार के माध्यम से रोजगार के अवसर भी हासिल किए हैं।

सीयूएसबी के सात छात्रों को  अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से नौकरी की पेशकश की गई। पिरामल फाउंडेशन की प्रतिष्ठित गांधी फेलोशिप के तहत सीयूएसबी के विभिन्न विभागों के 22 छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट मिला। छात्रों ने गेट, जेआरएफ, नेट आदि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पास कर फेलोशिप प्राप्त की। कुछ छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों में अपने पेपर प्रस्तुत किए और कई पुरस्कार भी जीते।चालू शैक्षणिक वर्ष से विश्वविद्यालय ने युवाओं के भविष्य और करियर के अवसरों को देखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप स्नातक (यूजी) स्तर पर 13 नए एकीकृत यूजी-पीजी पाठ्यक्रम शुरू किए। आधारभूत संरचना की बात करें तो 300 एकड़ में फैले हरित परिसर में भवन निर्माण के प्रथम एवं द्वितीय चरण के तहत कई उत्कृष्ट भवनों का निर्माण किया जा चुका है तथा तीसरे चरण का निर्माण कार्य जारी है। विश्वविद्यालय की अब तक की उपलब्धियों को देखते हुए कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह सहित समस्त विश्वविद्यालय परिवार एवं हितधारकों को आशा है कि भविष्य में सीयूएसबी सर्वांगीण उपलब्धियों के साथ नए कीर्तिमान स्थापित करेगा जो पूरे बिहार के लिए गौरव की बात होगी।

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