मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
गया जी में सनातन परंपरा से जुड़े विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों के मोक्ष की कामना लेकर आते हैं, वहीं इस बार यहां सर्व धर्म सद्भाव की एक बेहद खूबसूरत और प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। ‘अतिथि देवो भवः’ की प्राचीन भारतीय परंपरा को जीवंत करते हुए ‘मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास संगठन’ ने सेवा की ऐसी मिसाल पेश की जिसने हर तीर्थयात्री का दिल जीत लिया। जिला प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाते हुए इस पुनीत कार्य में संगठन के सभी धर्मों के सदस्यों ने एकजुट होकर पिंडदानियों के लिए जलपान और विश्राम की बेहतरीन व्यवस्था की, जिसकी हर तरफ भूरी-भूरी प्रशंसा हो रही है। इस सेवा भाव से तीर्थयात्री अपने गंतव्य की ओर गया जी का एक बेहद सुखद और सकारात्मक संदेश लेकर लौट रहे हैं।
चाय-पानी से लेकर सत्कार तक, महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा संगठन के प्रमुख सदस्य मोहम्मद फिरोज ने इस अद्भुत पहल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी संस्था में सभी धर्मों के लोग पूरी आस्था और समर्पण के साथ जुड़कर काम करते हैं। मेले के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए चाय, पानी, बिस्किट और अन्य जरूरी सुविधाओं का लगातार निःस्वार्थ वितरण किया गया। इस महायज्ञ में संगठन से जुड़ी महिला सदस्यों की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही, जिन्होंने दिन-रात एक कर अपनी सेवा भावना से दूर-दराज से आए अतिथियों का सत्कार किया। गज़ाला नाज़नीन, पिंकी कुमारी, अनामिका प्रिया, सुकृति और शालिनी सिन्हा जैसी महिला सदस्यों ने अपने उत्कृष्ट कार्य से शिविर में आए हर एक अतिथि का दिल जीत लिया।

वरिष्ठ छायाकार रूपक सिन्हा सहित कई हुए सम्मानित, अगले वर्ष की भव्य तैयारी पितृपक्ष मेले के समापन की आखिरी शाम संगठन के शिविर में एक भव्य सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर मेले के दौरान उत्कृष्ट सेवा देने वाले विशिष्ट लोगों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया, जिनमें शहर के जाने-माने वरिष्ठ प्रेस छायाकार रूपक सिन्हा प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम के संयोजक सुमन कुमार भारती, मोहम्मद फिरोज, सचिव राकेश कुमार सहित सैयद आबिद कलीम, मुस्तकीम रंगराज, अमजद हसन, एज़ाज़ सुल्तान, अनिल सिंह, लालू प्रसाद यादव, दिनेश, संजय, उत्तम कुमार, सुदर्शन वर्णवाल, दीपक कुमार पाठक, संतोष सौरभ और मृत्युंजय सिंह जैसे तमाम पदाधिकारियों और सदस्यों ने इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में महती भूमिका निभाई। आयोजकों ने अब यह संकल्प लिया है कि आगामी वर्ष में विभिन्न स्थलों पर और भी वृहद स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे, ताकि गया जी आने वाले अधिक से अधिक अतिथियों को ससम्मान सेवा प्रदान की जा सके।







