महताब अंसारी
गुरारू (गया)। मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में कथित लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के शव की पहचान में हुई गड़बड़ी के कारण परिजनों को किसी दूसरे व्यक्ति का शव सौंप दिया गया, जबकि उनके अपने परिजन के शव को लावारिस मानकर अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया।
मामला गुरारू थाना क्षेत्र के बरमा गांव निवासी बिगन रविदास (60) से जुड़ा है। शुक्रवार शाम गुरारू-मथुरापुर मार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
मृतक के भतीजे राजा दास ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस में उस समय तीन शव रखे गए थे, जिनमें एक लावारिस बताया जा रहा था। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए परिजन बाहर गए थे। लौटने पर उन्हें बताया गया कि लावारिस शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इसी बीच उन्हें एक शव सौंपा गया, लेकिन चेहरा देखने पर शक हुआ। काफी देर तक पहचान की प्रक्रिया चली और तब पता चला कि सौंपा गया शव बिगन रविदास का नहीं है।
इसके बाद परिजन भागते हुए शवदाह गृह पहुंचे, जहां उनका दावा है कि बिगन रविदास का शव लगभग 90 प्रतिशत तक जल चुका था। यह दृश्य देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही मगध मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रशासन की ओर से सीओ ने मृतक के आश्रितों को चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई है। वहीं परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना पोस्टमार्टम हाउस की कार्यप्रणाली और शवों की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।







