
मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 के गरिमामय आयोजन से ठीक पहले गया जिला प्रशासन ने मगध की ऐतिहासिक धरोहर और लोक-संस्कृति को वैश्विक पटल पर प्रचारित करने के लिए एक बेहद शानदार पहल की है। आगामी 25 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय मेले की पूर्व तैयारियों के तहत 19 सितंबर को शहर के हरिदास सेमिनरी स्कूल स्थित प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी में ‘हम्मर मगध’ (संस्कृति, विरासत, पहचान) नामक एक विशेष वैचारिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, समृद्ध विरासत और महान परंपरा से गहराई से जोड़ना है।
इतिहास, दर्शन और कला के महाकुंभ में जुटेंगे प्रबुद्ध जन

‘हम्मर मगध’ कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक संध्या नहीं, बल्कि मगध के गौरवशाली इतिहास, अध्यात्म और ज्ञान परंपरा पर एक गहरा विमर्श है। इस वैचारिक महाकुंभ में मगध क्षेत्र की पुरातात्विक महत्ता पर संवाद के साथ-साथ स्थानीय युवा कलाकारों द्वारा पारंपरिक मगही लोक संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इस गौरवशाली आयोजन में अपने विचार साझा करने के लिए मगध विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनीष सिन्हा, दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सुधांशु झा, पूर्व अध्यापक डॉ. राम कृष्ण मिश्र और विष्णुपद स्थित जगद्गुरु रामानुजाचार्य मठ के महंत स्वामी वेंकटेशप्रपन्नाचार्य पधार रहे हैं। इनके अतिरिक्त संगीताचार्य पंडित राजेन्द्र सिजुआर, अंग्रेजी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. के. के. नारायण, अखिल भारतीय मगही प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानन्द प्रेमी, प्रख्यात इतिहासकार डॉ. राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’ और नाजरथ अकादमी के होनहार छात्र आदर्श उपाध्याय भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कर इस आयोजन को और अधिक गरिमामय बनाएंगे।
डीएम शशांक शुभंकर ने की अपील, वरिष्ठ छायाकार ने किया स्वागत
गया के जिलाधिकारी (डीएम) श्री शशांक शुभंकर ने जिले के समस्त प्रबुद्ध नागरिकों, बुद्धिजीवियों, शोधार्थियों, युवाओं और कला-प्रेमियों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा है कि सभी शहरवासी सपरिवार इस आयोजन में शामिल होकर मगध की समृद्ध विरासत को जानें, समझें और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में अपना अहम योगदान दें। वहीं, गया के वरिष्ठ छायाकार रूपक सिन्हा ने भी जिला प्रशासन की इस अनूठी पहल का पुरजोर स्वागत करते हुए कहा है कि यह कदम मगध की कला, साहित्य, संस्कृति और भाषा को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगा।
प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक ऐप
पितृपक्ष मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों और आम जनमानस की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक जानकारियां डिजिटल पटल पर भी उपलब्ध करा दी हैं। किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए लोग सीधे हेल्पलाइन नंबर 9266628168 अथवा जिला नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 0631-2222259 और 2222253 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा तीर्थयात्री आधिकारिक पोर्टल pinddaangaya.bihar.gov.in पर विजिट कर सकते हैं या गूगल प्ले स्टोर से प्रशासन का आधिकारिक मोबाइल ऐप ‘Pinddaan gaya’ डाउनलोड कर मेले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी अपनी उंगलियों पर प्राप्त कर सकते हैं।







