मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने वन्यजीव तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम करते हुए एक अहम सफलता हासिल की है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और सीपीडीएस (CPDS) की संयुक्त टीम ने बुधवार को सघन चेकिंग अभियान के दौरान 13010 डाउन ऋषिकेश-हावड़ा दून एक्सप्रेस से 45 जीवित कछुओं को बरामद किया है। इतनी बड़ी संख्या में दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के मिलने से रेलवे और वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तस्कर इन बेजुबानों को ट्रेन के जरिए किसी दूसरे राज्य में खपाने की फिराक में थे, जिसे सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने विफल कर दिया।
स्लीपर कोच के बाथरूम के पास लावारिस मिले बैग, तलाशी में हुआ खुलासा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को जब दून एक्सप्रेस गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पहुंची, तो आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ट्रेन के स्लीपर कोच एस-8 (S-8) में नियमित सुरक्षा जांच कर रही थी। इसी जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों की नजर कोच के बाथरूम के बाहर लावारिस हालत में रखे दो झोले और एक पिट्ठू बैग पर पड़ी। काफी देर तक किसी भी यात्री द्वारा उन बैग्स पर अपना दावा पेश न करने पर टीम को संदेह हुआ। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जब उन संदिग्ध बैग्स को खोलकर देखा गया, तो अधिकारी भी दंग रह गए। उनके अंदर 45 जीवित कछुओं को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंस कर भरा गया था। टीम ने तत्काल सभी कछुओं को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया।
वन विभाग को सौंपे गए कछुए, तस्करों के नेटवर्क की जांच तेज
कछुओं की बरामदगी के बाद रेलवे सुरक्षा टीम ने तुरंत इसकी सूचना गया वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम स्टेशन पर पहुंची। आवश्यक कागजी प्रक्रिया और पंचनामा पूरा करने के बाद 16 सितंबर को सभी 45 जीवित कछुओं को वन विभाग के अधिकृत कर्मचारी और वनरक्षी वशिष्ठ कुमार को सुरक्षित सौंप दिया गया। अब आरपीएफ और जीआरपी की टीमें इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि इन कछुओं को ट्रेन में कौन लेकर चढ़ा था और इनकी डिलीवरी कहां की जानी थी। इसके साथ ही वन विभाग की टीम भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत बरामद कछुओं की प्रजाति की पहचान कर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने में जुट गई है।







