मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
गया में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार दो महीने या उससे अधिक समय तक बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन अस्थायी रूप से काट दिया जाएगा। वहीं, मीटर रीडिंग में गड़बड़ी, गलत बिलिंग और उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले कर्मियों पर भी विभागीय स्तर पर सख्ती बरती जाएगी।
इस संबंध में विद्युत आपूर्ति ग्रामीण प्रमंडल, गया के अंतर्गत एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता विद्युत अधीक्षण अभियंता संदीप प्रकाश एवं कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने की। इसमें राजस्व संग्रहण, मीटर रीडरों के कार्यों की निगरानी, बकाया बिजली बिल की वसूली, उपभोक्ता सेवाओं में सुधार और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
दो महीने तक बिल बकाया रहा तो कटेगा बिजली कनेक्शन
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि लगातार दो महीने या उससे अधिक समय तक बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन को अस्थायी रूप से विच्छेदित किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य बकाया राजस्व की वसूली में तेजी लाना और नियमित बिजली बिल भुगतान सुनिश्चित करना है।
इसके साथ ही खराब यानी डिफेक्टिव बिजली मीटरों की स्थलीय जांच कराने का निर्देश दिया गया है। संबंधित कर्मियों को जांच के बाद विस्तृत प्रतिवेदन विद्युत प्रमंडल कार्यालय में जमा करना होगा, ताकि मीटर से जुड़ी समस्याओं का सही आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
मीटर रीडरों को आईडी कार्ड अनिवार्य, गलत बिलिंग पर कार्रवाई
बैठक में मीटर रीडरों की जवाबदेही तय करते हुए सभी को अनिवार्य रूप से पहचान पत्र (आईडी कार्ड) उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इससे उपभोक्ता मीटर रीडर की पहचान आसानी से कर सकेंगे।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि प्रत्येक उपभोक्ता को वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर ही बिजली बिल उपलब्ध कराया जाए। बिल में सही मीटर नंबर दर्ज होना चाहिए और मीटर की स्पष्ट तस्वीर भी शामिल होनी चाहिए। मीटर रीडरों को उपभोक्ताओं के साथ विनम्र, शिष्ट और सहयोगात्मक व्यवहार करने की हिदायत दी गई है। विभाग ने साफ किया है कि गलत रीडिंग, गलत बिल वितरण और बिलिंग कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत 17 घरों में लगे सोलर पैनल
बैठक में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गया ग्रामीण विद्युत प्रमंडल में पिछले महीने इस योजना के तहत कुल 167 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 17 घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं।
अधिकारियों ने विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं को इस योजना के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया है, जिनकी मासिक बिजली खपत 200 यूनिट से अधिक है। ऐसे उपभोक्ताओं को छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे बिजली बिल में बचत कर सकें और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दे सकें।
सुपरवाइजरों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल, प्रदर्शन के आधार पर नई जिम्मेदारी
विद्युत व्यवस्था की निगरानी और कार्यकुशलता में सुधार के लिए बैठक में सुपरवाइजरों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कोंच सेक्शन में कार्यरत सुपरवाइजर सत्येंद्र कुमार को मऊ सेक्शन और धीरज कुमार को परैया सेक्शन में स्थानांतरित किया गया है।
वहीं, परैया सेक्शन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले सुपरवाइजर सौरव कुमार को बेहतर परिणाम की उम्मीद के साथ कोंच सेक्शन में भेजा गया है। दूसरी ओर, मऊ सेक्शन में योगदान देने के बाद सुपरवाइजर अवध कुमार का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाए जाने की बात सामने आई है। कोंच सेक्शन में कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए एक नए एवं सुप्रशिक्षित सुपरवाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
बिजली व्यवस्था में सुधार और उपभोक्ता सेवाओं पर विभाग का जोर
समीक्षा बैठक में लिए गए फैसलों से स्पष्ट है कि विद्युत आपूर्ति ग्रामीण प्रमंडल, गया अब राजस्व वसूली के साथ-साथ बिलिंग व्यवस्था, मीटर रीडरों की जवाबदेही और उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान दे रहा है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों का प्रभाव आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवाओं पर देखने को मिल सकता है।







